बैंगलोर

खुशनुमा यादों के साथ बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का समापन

सिनेमा की सुनहले संसार का यादगार लम्हा रहा फिल्मोत्सव
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Updated: 5 Mar 2020, 12:49 AM IST
खुशनुमा यादों के साथ बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल  का समापन
खुशनुमा यादों के साथ बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का समापन

बेंगलूरु. गीत-संगीत और दुनिया भर की फिल्मी कलात्मकता की खुशनुमा यादों को समेटे बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के १२वें संस्करण का समापन बुधवार को हुआ।

फिल्मोत्सव के दौरान बेंगलूरु के सिनेमा पे्रमियों को वैश्विक सिनेमा जगत की कई चुनिंदा फिल्मों को देखने का अवसर मिला। साथ ही सिनेमा संसार से जुड़े लोगों और विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए इस दौरान कई प्रकार की कार्यशालाएं एवं फिल्म निर्माण से जुड़ी बारीकियों से अवगत होने का मौका मिला। विभिन्न भाषाओं के सिनेमा के विविध क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने निर्माण, पटकथा लेखन, अभिनय आदि पर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान फिल्म संसार में आ रहे बदलावों को विशेष रूप से दर्शाया गया।

सामाजिक संदेश का माध्यम बने सिनेमा : राज्यपाल
बुधवार को विधानसौधा के बेंक्वेट हॉल में आयोजित समापन समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाळा फिल्मोत्सव के दौरान प्रदर्शित फिल्मों में चयनित १४ बेस्ट फिल्मों को फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में सिनेमा के साथ जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान आकृष्ट कराया और फिल्म निर्माण को सामाजिक संदेश देने का माध्यम बनाने की अपील की।
कर्नाटक चलचित्र अकादमी एवं सूचना तथा जलसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एशियन सिनेमा के लिए थाइलैंड की फिल्म हैप्पी ऑल्ड ईयर और बेस्ट इंडियन सिनेमा श्रेण्ी में मराठी फिल्म पनघरुन सम्मानित हुई। स्पेशल ज्यूरी अवार्ड में बिरियानी (मलयालम) और इंटरनेशनल क्रिटिक्स जूरी अवार्ड में दि डॉग एंड हिज मैन (छत्तीसगढ़) को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त कन्नड़ सिनेमा की विविध श्रेणियों में भी कई फिल्मों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॅ सीएन अश्वथ नारायण, कर्नाटक चलचित्र अकादमी के चेयरमैन सुनील पुराणिक, मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर, कर्नाटक फिल्म चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डीआर जयराज सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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