
बेंगलूरु. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधि व ससंदीय कार्य मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा ने कहा कि राज्य के बल्लारी, चित्रदुर्गा तथा तुमकूरु जिलों में अगले दस साल में 17 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले खनन क्षेत्र पुनर्वास कार्य के मास्टर प्लान को कुछ बदलाव के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है।
अजा-जजा वर्ग के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के मसले पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से राय मांगी गई थी लेकिन उन्होंने यह राय लिखित में देने के बजाय वाट्सऐप पर भेजी।
लिहाजा सरकार ने उनसे दोबारा लिखित में राय मांगी है। राय मिल जाने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय किया जाएगा।
अवकाश घटाने के लिए समिति बनाई
उन्होंने बताया कि बैठक में अगले कैलेंडर वर्ष में सरकारी अवकाशों की सूची को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकारी अवकाशों की संख्या बढऩे की शिकायतें मिलने के कारण इन्हें घटाकर व्यवस्थित करने के मकसद से एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति की गठन करने का निर्णय किया गया है।
समिति की अध्यक्षता के बारे में मुख्यमंत्री निर्णय करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य लोकसेवा आयोग के भर्ती विवाद को लेकर कानून अथवा नियमों में बदलाव के बारे में रिपोर्ट पेश करने के बारे में मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं।