परिवार तो जीवन की पाठशाला है, हमारे चरित्र का निर्माण हमारे परिवार के आधार पर होता है
बेंगलूरु. राजाजीनगर में साध्वी संयमलता ने कहा कि धरती पर स्वर्ग तभी उतरता है जब परिवार रूपी बगीचे में प्रेम के फूल खिलते हैं। आप दादा बन गए हैं तो दादागीरी करना छोड़ दें, अगर पिता बन गए हो तो रोब जमाना छोड़ दो, बेटे बन गए हो तो मां-बाप का अपमान करना छोड़ देंं, सास बन गए हो तो ताना कसना छोड़ दें और यदि बहू बन गई हो तो पीहर की बड़ाई करना छोड़ दें ताकि घर में खुशहाली बनी रहेगी है। परिवार तो जीवन की पाठशाला है। हमारे चरित्र का निर्माण हमारे परिवार के आधार पर होता है।
साध्वी कमलप्रज्ञा ने कहा कि प्रेम वशीकरण मंत्र है, प्रेम ही जीवन है, प्रेम ही भगवान है। जिस घर में प्रेम है वह मंदिर है, जहां प्रेम नहीं वह घर श्मशान समान है। घर में प्रेम और एकता को बढ़ाने के लिए सामूहिक भजन और भोजन करते रहना चाहिए। ममता मखाणा ने 28 उपवास, डिंपल बोहरा ने 24 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। गुरुवार को भगवान मुनि सुव्रत अनुष्ठान होगा।
सद्गुुरु कराते हैं यथार्थ का बोध
मैसूरु. सुमतिनाथ जैन संघ के महावीर भवन में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि वस्तु विद्यमान होने पर भी आंख के अभाव में दिखाई नहीं देती है। दुनिया को देखने के लिए आंख तो चाहिए। सदगुरु ऐसी आंख है, जिसके सहारे हमें दुनिया के यथार्थ स्वरूप का बोध होता है। सद्गुरु के संयोग के अभाव में दुनिया के यथार्थ स्वरूप को कोई नहीं समझा सकता। दुनिया स्वार्थ से भरी हुई है। प्रवचन के बाद अ_ाई के तपस्वी यश कुमार शांतिलाल ने उपवास का पचखान लिया। विधायक एल नागेंद्रा ने आचार्य के दर्शन किए।
विद्यालय को उपयोगी सामग्री भेंट
मंड्या. दूध उत्पादक सहकारी संघ नेे मद्दूर तहसील के गोरणहल्ली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को स्टील की 100 थालियां और 100 गिलास भेंट की। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष चिकलिगेगौड़ा, रमेश, केम्पेराज आदि मौजूद था।