डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों ने बजाई तालियां, भेंट किए गुलदस्ते
बेंगलूरु. जानलेवा बीमारी कोविड-19 को मात देकर अस्पताल से स्वस्थ होकर निकलने वाले रोगियों का स्वागत एक विजेता की तरह किया जा रहा है। बेंगलूरु और चिक्कबल्लापुर के अस्पतालों में इस घातक बीमारी से जंग जीतने वालों के लिए डॉक्टरों, नर्सों और चिकित्साकर्मियों ने तालियां बजाई और गुलदस्ते देकर उन्हें घर भेजा।
जहां एक तरफ कोविड-19 पीडि़त रोगियों के अस्पतालों से भागने या आत्महत्या की खबरें आ रही हैं वहीं, ऐसे कई मरीजों ने यह साबित किया है कि अगर हौसला है तो वे यह जंग जीत सकते हैं। बेंगलूरु से करीब 60 किमी दूर चिक्कबल्लापुर सरकारी अस्पताल से एक साथ चार रोगी स्वस्थ होकर निकले तो डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों ने कतारबद्ध होकर उनके लिए तालियां बजाईं। अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें गुलदस्ते भेंट किए और घर भेजा। वहीं, शहर के केसी जनरल अस्पताल से भी एक युवा रोगी के स्वस्थ होकर निकलने पर डॉक्टरों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। इन रोगियों के पिछले दो टेस्ट निगेटिव आए जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन, उन्हें अगले 14 दिनों तक पृथक वास में रहने को कहा गया है। केसी जनरल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ वेंकटेशैया ने कहा कि 'हम रोगियों का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए इस घातक बीमारी को मात देेन वालों के लिए चिकित्सा कर्मियों ने तालियां बजाई और उनकी हौसलाफजाई की।'
गौरतलब है कि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 226 तक पहुंच गई है और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन, खुशी की बात यह है कि 47 मरीजों ने इस घातक बीमारी को परास्त कर अस्पताल से घर लौट गए हैं। डॉक्टर और चिकित्साकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर रोगियों का इलाज कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोगों ने चिकित्साकर्मियों और कोविड-19 के खिलाफ जंग लडऩे वालों के लिए तालियां और थालियां बजाईं, वहीं अब डॉक्टर भी स्वस्थ होने वाले मरीजों के लिए तालियां बजा रहे हैं।