
Karnataka BJP Rahul Gandhi controversy: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक यशपाल सुवर्णा के एक अत्यंत विवादित और भड़काऊ बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। सुवर्णा ने कथित तौर पर कहा था कि अगर कांग्रेस अपनी हरकतें बंद नहीं करती, तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनके परिवार का हश्र भी 1992 में ढहाई गई बाबरी मस्जिद जैसा होगा। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक पुलिस ने बुधवार को बीजेपी विधायक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
बता दें कि उडुपी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार कोडावूर की शिकायत के आधार पर उडुपी टाउन पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 57, 192, 196(2), 352, 353(2) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है।
बता दें कि उडुपी में आयोजित बीजेपी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यशपाल सुवर्णा ने कहा था कि अगर आप लोग इसी तरह के नाटक करते रहेंगे, तो जिस तरह 1992 में हमारी भावनाएं आहत होने पर हमारे कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था, ठीक उसी तरह कांग्रेस वंश और राहुल गांधी का परिवार भी तबाह हो जाएगा। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर नफरती भाषण और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के कार्यकारी अध्यक्ष और एमएलसी मंजूनाथ भंडारी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस नेता मंजूनाथ भंडारी ने यशपाल सुवर्णा के बयान को संविधान की मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए इसे नफरत फैलाने वाला, अपमानजनक और भड़काऊ करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।
भंडारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी, NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले कर रही है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अन्य बीजेपी नेताओं और विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसे जनता इस विवादित बयान के मौन समर्थन के रूप में देख सकती है। भंडारी ने चेतावनी दी कि ऐसे बयान तटीय कर्नाटक में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं तथा उन्होंने मामले की जांच में तेजी लाने के लिए राज्य के गृह मंत्री से मिलने की बात भी कही।