बैंगलोर

ईश्वरीय कार्य कर गए ‘ईश्वर’, बहन ने दान की भाई की अस्थियां

हड्डियों को निकाला गया और उनकी जगह प्लास्टिक की हड्डी के विकल्प डालकर संरक्षित किया गया।

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Dec 23, 2024

-सड़क दुर्घटना में मौत

-कैंसर के छह मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी

Karnataka में अंगदान Organ Donation को बढ़ावा मिला है। समय-समय पर परिजन अपने प्रियजनों के ब्रेन डेथ के बाद उनके अंगों को दान करने का साहसिक व मार्मिक निर्णय लेते हैं। लेकिन, राज्य के मेंगलूरु के एक अस्पताल में सामने आए इस मामले में परिजनों के मृतक की अस्थियां दान Cadaveric bone donation (कडैवेरिक बोन डोनेशन) करने के फैसले ने सभी को चौंका दिया। अस्पताल के अनुसार राज्य में यह अपनी तरह का पहला दान है।

इस दान से भविष्य में कैंसर Cancer के छह बाल मरीजों के अंगों को बचाया जा सकेगा। दान की गई हड्डियों का उपयोग अंग-बचाव सर्जरी में किया जाएगा। इस दान से युवा कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद जागी है। अन्यथा, इन्हें अन्यथा अंग-विच्छेदन सहना पड़ सकता था।

जस्टिस के.एस. हेगड़े मेडिकल अकादमी ने रविवार को शव की अस्थि दान की व्यवस्था की। सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण मारे गए कोडुगू जिले के एन. ईश्वर के परिवार के सदस्यों ने उनकी अस्थियां दान करने पर सहमति जताई। दुर्घटना के बाद ईश्वर का अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन, रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। ईश्वर की बहन ने उनकी अस्थियां दान करने का निर्णय लिया।

ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख तथा प्रो. एम. शांताराम शेट्टी टिशू बैंक के संस्थापक चिकित्सा निदेशक विक्रम शेट्टी ने ऑपरेशन थिएटर में हड्डी निकालने के लिए सर्जिकल टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि हड्डियों को निकाला गया और उनकी जगह प्लास्टिक की हड्डी के विकल्प डालकर संरक्षित किया गया।

अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक सुमालता शेट्टी ने परिवार के समर्थन और सहयोग के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण दान को संभव बनाने में चिकित्सा टीम के समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

Updated on:
23 Dec 2024 06:40 pm
Published on:
23 Dec 2024 06:31 pm
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