धनंजय ने विद्यार्थियों को यह कहकर मैदान में खेलने भेज दिया कि उन्हें कुछ कागजी काम करना है। इसके बाद उन्होंने कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर सहकर्मियों और ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा, जहां वे मृत पाए गए।
शिवमोग्गा के शिकारीपुर तालुक के बालूर गांव स्थित एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक और बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के रूप में कार्यरत 50 वर्षीय धनंजय ने मंगलवार को अपनी ही कक्षा में आत्महत्या Suicide कर ली। परिजनों के अनुसार उन्होंने यह कदम अत्यधिक काम के दबाव के कारण उठाया। घटना सुबह करीब 11.30 बजे की है।
धनंजय ने विद्यार्थियों को यह कहकर मैदान में खेलने भेज दिया कि उन्हें कुछ कागजी काम करना है। इसके बाद उन्होंने कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर सहकर्मियों और ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा, जहां वे मृत पाए गए।
उनकी पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके पति काम के दबाव को लेकर अक्सर शिकायत करते थे और नौकरी छोडऩे की इच्छा जताते थे। हालांकि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने काम जारी रखने को कहा था।धनंजय रोज होन्नाली से स्कूल आते थे और घटना के दिन वे बीएलओ के रूप में मतदाताओं से जानकारी जुटाने के लिए सुबह जल्दी गांव पहुंचे थे। शिकारीपुर ग्रामीण पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।