बैंगलोर

हाई कोर्ट ने तेजस्वी सूर्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे जांच करने से रोक लगाई

उच्च न्यायालय ने गुरुवार को हावेरी पुलिस द्वारा सांसद तेजस्वी सूर्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच पर रोक लगा दी। इसमें कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट में झूठी सूचना प्रसारित कर समूहों/धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा करने का आरोप लगाया गया है।
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बेंगलूरु. उच्च न्यायालय ने गुरुवार को हावेरी पुलिस द्वारा सांसद तेजस्वी सूर्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच पर रोक लगा दी। इसमें कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट में झूठी सूचना प्रसारित कर समूहों/धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा करने का आरोप लगाया गया है। यह जानकारी एक किसान की मौत के संबंध में दी गई है, जिसने 2022 में आत्महत्या कर ली थी।

न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि शिकायत की सामग्री प्रथम दृष्टया बीएनएस की धारा 353(2) के तहत अपराध के लिए सामग्री नहीं बनती है।

हावेरी जिले के हंगल तालुक के हरनागिरी गांव के एक किसान रुद्रप्पा ने 6 जनवरी, 2022 को अपनी जान दे दी। हालांकि, उनके पिता ने नवंबर 2024 के पहले सप्ताह के दौरान कुछ मीडिया आउटलेट्स को एक साक्षात्कार दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके बेटे ने यह जानने के बाद अपनी जान दे दी कि उनकी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में वक्फ का नाम दर्ज है।

सूर्य ने रिपोर्ट के लिंक के साथ 7 नवंबर, 2024 को एक्स पर पोस्ट किया था कि अल्पसंख्यकों को खुश करने की जल्दबाजी में, सीएम सिद्धरामय्या और मंत्री बी.जेड. ज़मीर अहमद खान ने कर्नाटक में विनाशकारी प्रभाव फैलाए हैं। आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खरगे ने सूर्य पर गलत सूचना फैलाने और चुनावी लाभ के लिए सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

हावेरी के जिला पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया कि रुद्रप्पा के पिता ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में कहा था कि रुद्रप्पा ने 7 लाख रुपये का कर्ज लिया था और अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल को भारी नुकसान हुआ, जिससे उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद सूर्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया।

Updated on:
14 Nov 2024 11:36 pm
Published on:
14 Nov 2024 11:36 pm