
बेंगलूरु. पुलिस के हाथों आम लोगों के उत्पीडऩ और झूठे मामले दर्ज करने की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं। इसलिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण के साथ अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।
गृह विभाग का दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर ने सोमवार को यहां यह बात कही।
उन्होंने सोमवार को इंफोसिस कंपनी की आर्थिक सहायता से नवीकृत तिलक नगर थाना और जयनगर उप संभाग के सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशान लाने का प्रयास करने के बावजूद कुछ पुलिस कर्मी यह सब कर रहे हैं। इस साल 39 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। कई कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांंच जारी है।
पुलिस थानों में नागरिकों का स्वागत करने के बजाए गुंडों की आवभगत होने लगी है। थाने रीयल एस्टेट एजेंटों के अड्डे नहीं बनने चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को थानों का औचक दौरा करने के निर्देश दिए और चेताया कि थानों में रीयल एस्टेट एजेंट या गुंडे बदमाश बैठे नजर आने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पुलिस को देश की नंंबर वन पुलिस बनाने के लिए सरकार हर साल अनुदान जारी करने का फैसला लिया है। इस साल 95 करोड़ रुपए पुलिसथानों के भवनों की मरम्मत और नवीकरण तथा 50 करोड रुपए इलेक्ट्रनित्कि के उपकरण जैैसे, कंप्यूटर, सीसीटीवी, आल्कोमीटर औरअन्य उपकरण खरीदे जाएंंगे।
केन्द्र सरकार बच्चियों और महिलाओं की रक्षा के लिए 650 करोड़ रुपए जारी किए है। इसी अनुदान में से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए चार सौ करोड़ रुपए के उपकरण खरीदे जाएंगे।
इस अवसर पर इंफोसिस फाउंडेशन की प्रमुख डॉ. सुधा मूर्ति, विधायक वेंकटेश, वेणुगोपाल, उदय गरुडाचार, महापौर गंगाम्बिका मल्लिकार्जुन, पुलिस आयुक्त टी. सुनील कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।