बैंगलोर

IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता, सामने आया गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का बयान, जानें क्या कहा

IAS Gyanendra Kumar Gangwar: 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के 20 अगस्त से लापता होने की जानकारी सामने आई है। गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अधिकारी की तलाश में जुटी है।
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Aug 22, 2026
IAS Gyanendra Kumar Gangwar
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार। फाइल फोटो- पत्रिका

बेंगलूरु। राज्य कैडर के 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के लापता होने की जानकारी सामने आई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार 20 अगस्त से उनका परिवार और अन्य लोग उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। बताया गया है कि उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट बुक कराया था। गंगवार के लापता होने की बात कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितता और धनशोधन मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद सामने आई है।

अधिकारी के लापता होने की पुष्टि

गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को अधिकारी के लापता होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सरकार को मामले की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पत्रकारों से बातचीत में प्रियांक ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार गंगवार को आखिरी बार बेंगलूरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर देखा गया था। हवाईअड्डे से कुछ जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है और मामले की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय की जाएगी। गंगवार वर्तमान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले मार्च तक वे कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक थे।

केपीएससी कार्यकाल से जोड़कर लगाए जा रहे कयास

सरकारी सूत्रों के अनुसार गंगवार के लापता होने को केपीएससी में उनके कार्यकाल के दौरान सामने आए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को केपीएससी की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धनशोधन मामले के सिलसिले में शिवशंकरप्पा एस. साहूकार, आयोग की सदस्य शांता होसमणि और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर तलाशी ली थी।

जल्दबाजी में बुक किया था दिल्ली का टिकट

सूत्रों के अनुसार गंगवार ने 20 अगस्त को दिल्ली जाने के लिए जल्दबाजी में विमान का टिकट बुक कराया था। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने दोपहर 3 बजे की उड़ान का टिकट बुक किया। टिकट के लिए उन्होंने क्रेडिट कार्ड से 30 हजार रुपए से अधिक का भुगतान किया था। बताया जा रहा है कि हवाईअड्डे पहुंचने के कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

पुलिस ने शुरू की जांच

एक साथी अधिकारी से मिली जानकारी के आधार पर बेंगलूरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस की विशेष टीम गंगवार की आखिरी गतिविधियों का पता लगाने के लिए केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस अधिकारी के हवाईअड्डे पहुंचने, वहां से उनकी गतिविधियों और उसके बाद उनके संपर्क से बाहर होने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

केपीएससी अध्यक्ष के निलंबन की सिफारिश

इसी बीच प्रियांक ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित करने और उनके खिलाफ जांच शुरू करने की सिफारिश करने का फैसला किया है। साहूकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। उन पर भाई-भतीजावाद के आरोप भी लगे हैं। आरोप है कि उनकी बेटी का सरकारी नौकरी के लिए चयन गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर हुआ था।

प्रियांक ने बताया कि राज्यपाल ने 13 जुलाई को साहूकार को जरूरी जानकारी नहीं देने और दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित किया था। साहूकार ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 18 अगस्त को हाईकोर्ट ने उन्हें बहाल करने का आदेश देते हुए कहा था कि राज्यपाल का फैसला मंत्रिमंडल की सलाह के बिना लिया गया था। अब राज्य मंत्रिमंडल ने साहूकार के निलंबन के लिए फिर राज्यपाल को सिफारिश भेजने का फैसला किया है।

Updated on:
22 Aug 2026 07:54 pm
Published on:
22 Aug 2026 07:53 pm
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