
स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर। फोटो- आईएएनएस
बेंगलुरु। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने गुरुवार को कहा कि अगर कहीं नकली दवाओं की आपूर्ति हो रही है या उन्हें बेचा जा रहा है, तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। मंत्री के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति ऐसे लोगों के बारे में जानकारी देता है और उसकी ओर से दी गई जानकारी विश्वसनीय पाई जाती है, तो उसे 10 हजार से 50 हजार रुपए तक का इनाम दिया जाएगा। इस कदम से उस नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलेगी, जिसके जरिए नकली दवाओं की आपूर्ति की जा रही है।
इससे पहले 5 करोड़ रुपए की कीमत की ऐसी दवाएं जब्त की गई थीं, जिन पर कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लेबल लगे हुए थे। नकली दवाओं से जुड़ा यह पूरा नेटवर्क रामनगर जिले में सक्रिय था। मंत्री ने इस मामले की अंतरराज्यीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली दवाओं के निर्माण से जुड़ा यह नेटवर्क देश के दूसरे हिस्सों में भी सक्रिय है।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खादर ने कहा कि राज्य में नकली दवाओं से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आम लोगों का सहयोग जरूरी है। खासकर तब, जब स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग में अधिकारियों की संख्या सीमित है। उनके मुताबिक, कर्नाटक की कुल आबादी 6.5 करोड़ है, जबकि खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग में केवल 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में नेटवर्क का पता लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को नकली दवाओं की आपूर्ति या बिक्री से जुड़े किसी भी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें।
अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने दूरभाष नंबर 1902 और एक क्यूआर कोड भी जारी किया है। इनके जरिए लोग इस तरह के नेटवर्क के बारे में विभाग को जानकारी दे सकते हैं। इस तरह की जानकारी देने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। खादर ने लोगों से आग्रह किया कि वे उस समय विशेष रूप से सतर्क रहें, जब कोई उन्हें महंगी दवा बहुत कम कीमत पर बेचने की कोशिश करे। ऐसी स्थिति में लोगों को यह सवाल पूछना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति के पास इतनी कम कीमत पर दवा कैसे आई। इसके साथ ही इसकी जानकारी तुरंत विभाग को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग दवाओं के बीच के अंतर का पता लगाने की कोशिश करेगा।
अतिरिक्त औषधि नियंत्रक डॉ. उमेश एस. ने कहा कि नकली दवाओं के मामले में चल रही जांच के दौरान सामने आया है कि इससे जुड़ा नेटवर्क न केवल कर्नाटक, बल्कि दूसरे राज्यों में भी सक्रिय है। उनके मुताबिक, इस नेटवर्क के बारे में औषधि नियंत्रक और राज्य अनुज्ञापन प्राधिकरण को जानकारी दे दी गई है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे नकली दवाओं की आपूर्ति से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाएं। इन नकली दवाओं की आपूर्ति अस्पतालों और मेडिकल स्टोर तक की गई है। लिहाजा, इन सभी स्थानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 04:36 pm
Published on:
20 Aug 2026 04:27 pm
