
HEALTH DEPARTMENT RAJASTHAN
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सिविल शाखा में पिछले करीब 11 महीने से चीफ इंजीनियर का पद खाली है। फिलहाल यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के जरिए संभाली जा रही है। विभाग ने जल संसाधन विभाग से डेपुटेशन पर आए अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार शर्मा को मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंप रखा है। जबकि जल संसाधन विभाग में बिल्डिंग निर्माण कार्य नहीं किया जाता है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर साल नए अस्पतालों के निर्माण, मौजूदा भवनों के नवीनीकरण, विस्तार और अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं पर करोड़ों का बजट खर्च किया जाता है। मुख्य अभियंता के स्थायी पद पर किसी योग्य अधिकारी की नियुक्ति न होने के कारण कई तकनीकी स्वीकृतियां, प्रशासनिक निर्णय और नए प्रोजेक्ट्स की फाइलें लंबित हो रही हैं, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
मुख्य अभियंता का पद खाली होने के कारण अस्पताल भवनों के निर्माण, पुराने भवनों के जीर्णोद्धार, नई स्वास्थ्य परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तहत निभाई जा रही है। विभाग हर साल इन कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च करता है
जानकारी के अनुसार वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुकेश कुमार शर्मा मूल रूप से जल संसाधन विभाग के अधिकारी हैं। वे स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब 11 महीनों से उन्हें मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि नियमित तकनीकी प्रमुख नहीं होने से कुछ प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है। अस्पतालों में निर्माण कार्यों की निगरानी, तकनीकी स्वीकृतियां और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे मामलों में स्थायी नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पूर्व में झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिक्षा और चिकित्सा विभाग के निर्माण कार्यों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में मुख्य अभियंता का पद लंबे समय से खाली रहने का मुद्दा भी चर्चा में है।
Updated on:
02 Aug 2026 03:36 pm
Published on:
02 Aug 2026 03:36 pm
