
Sri Ganganagar : जिला अस्पताल। फोटो पत्रिका
Sri Ganganagar : श्रीगंगानगर जिले में गर्मी, उमस और बारिश के बीच बदलते मौसम का असर अब लोगों की त्वचा पर दिखाई देने लगा है। वातावरण में बढ़ी नमी और लगातार पसीना आने से त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) ओपीडी में इन दिनों खुजली, लाल चकत्ते, फंगल संक्रमण, त्वचा में जलन और एलर्जी जैसी शिकायतों को लेकर मरीज पहुंच रहे है। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी और बारिश के बीच का मौसम त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए अनुकूल होता है।
चिकित्सकों के अनुसार इस दौरान पसीना अधिक आने और वातावरण में नमी बढ़ने से त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। इसके कारण दाद, घमौरियां, खुजली, लाल निशान और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ जाती है। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों पर देखने को मिल रहा है। बच्चों में घमौरियों और एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही है, वहीं बुजुर्गों में त्वचा के सूखापन, खुजली और संक्रमण की समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा ऐसे लोग भी अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक गर्मी, धूल और पसीने के बीच काम करना पड़ता है।
मानसून शुरू होने के साथ ही श्रीगंगानगर जिला अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों रोजाना डेढ़ सौ से अधिक मरीज फंगल संक्रमण, खुजली, दाद, घमौरियां, लाल चकत्ते और एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद बढ़ी नमी और उमस के कारण त्वचा पर पसीना अधिक समय तक बना रहता है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं।
इसका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों में घमौरियां व एलर्जी, जबकि बुजुर्गों में खुजली, त्वचा संक्रमण और सूखेपन की शिकायतें बढ़ी हैं।
1- त्वचा को साफ और सूखा रखें।
2- सूती और ढीले कपड़े पहनें।
3- अधिक पसीना आने पर कपड़े बदल लें।
4- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
5- त्वचा पर एलर्जी, खुजली या संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक की सलाह लें।
संक्रमण जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डा. एनके सैनी का कहना है कि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है। पसीने के कारण त्वचा पर नमी बनी रहती है, जिससे फंगल संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो जाता है। कई लोग शुरुआत में खुजली या लाल निशानों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है। समय पर उपचार लेने से इन परेशानियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस मौसम में साफ-सफाई और सावधानी रखकर त्वचा संबंधी कई बीमारियों से बचा जा सकता है। त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखना जरूरी है। अधिक पसीना आने पर कपड़े बदल लेने चाहिए।
Updated on:
02 Aug 2026 03:54 pm
Published on:
02 Aug 2026 03:54 pm
