बैंगलोर

भोजन में नमक की तरह परिवार में बड़ों का महत्व

वह परिवार भाग्यशाली है, जहां बड़े रहते हैं। वह घर-घर नहीं मंदिर बन जाता है।
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jaini
भोजन में नमक की तरह परिवार में बड़ों का महत्व

चामराजनगर. गुंडलपेट स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा कि जितना भोजन में नमक का महत्व होता है, उतना ही परिवार में बड़ों का महत्व है। वह परिवार भाग्यशाली है, जहां बड़े रहते हैं। वह घर-घर नहीं मंदिर बन जाता है।

जिस घर में आशीर्वाद देने वाले हाथ हैं वह हाथ हमें संकटों से बचाते हैं। साध्वी ने कहा जिस घर की छत नहीं वह खंडहर होता है। ऐसे परिवार की कोई कीमत नहीं, जहां बड़ों का सम्मान नहीं, बल्कि बड़ों को अपमानित किया जाता हो।

इंसान कभी माता-पिता और गुरु के ऋण से उऋण नहीं हो सकता। बुजुर्गों की संगति करो।

क्योंकि बुजुर्गों के चेहरे की एक-एक झुर्री पर हजार-हजार अनुभव लिखे होते हैं।

उनके कांपते हाथ, हिलती गर्दन, लडख़ड़ाते कदम और मुरझाया चेहरा संदेश देता है कि जो भी शुभ करना है।

वह आज अीाी और इसी वक्त कर लो। कल कुछ नहीं कर पाओगे। बूढ़ा इन्सान इस धरती का सबसे बड़ा शिक्षालय है। संचालन आनन्द गन्ना ने किया।

Published on:
20 Nov 2018 04:48 pm