बैंगलोर

बांग्लादेश में शांति के लिए इस्कॉन बेंगलूरु में संकीर्तन का आयोजन

पिछले कुछ महीनों से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमले हो रहे हैं। इसी को लेकर इस्कॉन बेंगलूरु ने बांग्लादेश के सताए गए अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए रविवार को हरे कृष्ण हिल पर एक शांतिपूर्ण संकीर्तन का आयोजन किया।

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Dec 01, 2024

कई धर्म गुरुओं ने लिया भाग
भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग

बेंगलूरु. पिछले कुछ महीनों से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमले हो रहे हैं। इसी को लेकर इस्कॉन बेंगलूरु ने बांग्लादेश के सताए गए अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए रविवार को हरे कृष्ण हिल पर एक शांतिपूर्ण संकीर्तन का आयोजन किया। पेजावर मठ के प्रमुख विश्वप्रसन्ना तीर्थ स्वामी, धर्म गुरुओं, भक्तों और शुभचिंतकों ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर और भगवान कृष्ण की पूजा कर इस्कॉन समुदाय को अपना समर्थन दिया। ग्लोबल हरे कृष्ण मूवमेंट के चेयरमैन और संरक्षक तथा इस्कॉन बेंगलूरु के अध्यक्ष मधु पंडित दास ने कहा कि "हमें बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बारे में परेशान करने वाली रिपोर्ट मिली है। हम स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं और उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश सरकार चिन्मय कृष्ण प्रभु, इस्कॉन भक्तों और अन्य सभी सताए गए अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। हम भारत सरकार से भी अनुरोध करते हैं कि वह हमारे पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करे और इस क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे। हमने पीडि़तों के साथ अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त करने और उनकी भलाई के लिए प्रार्थना करने के लिए इस्कॉन मंदिर में संकीर्तन का आयोजन किया।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सनातन जागरण मंच के प्रवक्ता और प्रमुख भक्त चिन्मय कृष्णदास ब्रह्मचारी को हाल ही में ढाका पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है और सनातन धर्म के अनुयायियों को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ रहा है। कट्टरपंथी भीड़ ने हमलों के दौरान कई लोगों की हत्या भी की। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समूहों पर इस तरह के हमले होते रहे हैं। इसे रोकने की जरूरत है।अल्पसंख्यक समुदायों पर इन हमलों ने मानवता की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है। वैश्विक संकीर्तन कार्यक्रम वैश्विक हिंदू समुदाय के दर्द और दुख का एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है, जो बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एकजुटता में खड़ा है। हम बांग्लादेश या वहां के किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। हम इस कार्यक्रम के माध्यम से केवल बांग्लादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

Published on:
01 Dec 2024 05:02 pm
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