
बेंगलूरु. भाजपा के चुनावी अभियान में नई जान डालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चार जनसभाएं की और कांग्रेस पर हल्ला बोला। मेंगलूरु में आखिरी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और अब उनके पास मोदी विरोध के अलावा कोई एजेंडा नहीं बचा है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे उनका हर कदम पर विरोध करते हैं। चाहे वे दिल्ली में रहें, विदेश में रहें या देश के किसी सुदूर ग्रामीण इलाके में रहें। वे उनका विरोध इसलिए करते हैं क्योंकि नोटबंदी के बाद उनकी लूट सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। कांग्रेस के लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध किया, चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और चुनाव हारने पर ईवीएम को दोषी ठहराया। कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच गया था और इसलिए एक के बाद एक इनके सारे किले ढह गए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनता वंशवाद एवं परिवारवाद को स्वीकार नहीं करती। जिस किसी को भी राज्य की चिंता है वह कभी कांग्रेस को स्वीकार नहीं करेगा। अब कांग्रेस के पास मोदी के विरोध के सिवा कोई एजेंडा नहीं बचा है। उन्होंने गरीबों को लूटा, उन्हें गरीबों को लैटाना ही पड़ेगा। राज्य की वर्तमान सरकार ने अपराध का भी संप्रदायिकरण कर दिया है। जब भाजपा की सरकार बनेगी तो अपराधियों को उनकी जगह पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए भी एक परिवार है और उनके लिए भी एक परिवार है। सवा सौ करोड़ देशवासी उनका परिवार हैं। कांग्रेस अपने परिवार के लिए काम कर रही है और वो अपने परिवार के लिए। पीएम मोदी ने यहां जनसभा में हनुमान का चित्र बनाने वाले कलाकार कमल अचार्य की तारीफ की जो मेंगलूरु में ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की इतनी शानदार तस्वीर कांग्रेस पर भी कांग्रेस ने विरोध का सुर अपना लिया। इस तस्वीर की पूरे देश में मांग है।
इससे पहले शिवमोग्गा में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीएस येड्डियूरप्पा ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। दरअसल, मोदी का यह बयान उन अटकलों के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा था कि भाजपा सिर्फ उनका इस्तेमाल कर रही है और चुनावों के बाद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। उनकी जगह केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। येड्डियूरप्पा की उम्र भी इसकी एक प्रमुख वजह है। चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकते हुए मोदी ने शिवमोग्गा की तीसरी रैली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस के प्रथम अक्षर ‘सी’ की तुलना करप्शन से करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता अब भी नोटबंदी का दर्द बयां कर रहे हैं। करप्शन का टैंक भरने के लिए राज्य में वसूली माफियाओं का एक नेटवर्क तैयार किया और अगर सरकार चली गई तो उनका क्या होगा इस बात की चिंता कांग्रेस को है। कांग्रेस के काल में वर्ष 2014 से पहले कोयला, हेलीकॉप्टर, कॉमनवेल्थ हर जगह घोटाले ही नजर आते थे और उनके पैसे से ही कांग्रेस के कारनामे चल रहे थे।
मोदी ने कांग्रेस पर पीएफाई जैसे चरमपंथी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कौन सी पार्टी है जो राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने वालों को सहयोग दे रही है। राज्य में सिमी और पीएफआई सहित अन्य हिंसक संगठनों को कौन प्रश्रय दे रहा है। राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे हैं कि प्रदेश विधानसभा में चोरों को नहीं बैठने देंगे। लेकिन, ऐसा बोलने से पहले वह कांग्रेस नेताओं के बारे में बात क्यों नहीं करते जो मंत्री और विधायक बनकर बैठे हैं। ऐसेे नेता जिनके घरों की अलमारी और चादर नोटों के बंडल से भरे रहते हैं।
उन्होंने भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येड्डियूरप्पा के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उम्र का लिहाज किए बगैर ही निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस येड्डियूरप्पा के राजनीतिक अनुभव और समाज के लिए उनके योगदानों को भी नजर अंदाज कर रही है। वह गरीबों के घर जाते हैं लेकिन कांग्रेस उसका भी मजाक उड़ाती है। यह सीधे-सीधे गरीबों का अपमान है।