
मैसूरु. स्थानकवासी जैन संघ, विद्यारण्यपुरम की ओर से मुमुक्षु विरल हिंगड़ का वरघोड़ा निकाला गया। जयकारों के साथ वरघोड़ा सार्वजनिक हॉस्टल, अंदानी सर्कल होते हुए स्थानक भवन पहुंचा। महिला मंडल ने मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्ष मोहनलाल कोठारी ने स्वागत करते हुए बताया कि मुमुक्षु की दीक्षा आगामी 7 फरवरी को जयपुर में आचार्य विजयराज के सान्निध्य में होगी। सुंदरलाल हिंगड़ समेत अन्य ने विचार व्यक्त किए। संघ समाज के पदाधिकारियों ने मुमुक्षु का अभिनंदन किया।मुमुक्षु विरल हिंगड़ ने कहा कि माता-पिता से बच्चे संस्कार की शिक्षा प्राप्त कर जीना सीख सकते हैं। सही दृष्टिकोण और सही मार्गदर्शन से आध्यात्म बढ़ सकता है।
कर्मों को भोगे बिना मोक्ष नहीं
गुरु के माध्यम से प्रभु महावीर की वाणी सुनने को मिला कि मानव को कर्मों को भोगे बिना मोक्ष नहीं है। अपने किए हुए कर्मों का फल हमें मिलता है। अमीर हो या गरीब, राजा हो या रंक, सबको अपने कर्मों का फल हमें भोगना ही है। इस मौके पर जैन युवा संगठन विद्यारण्यपुरम के सचिव दिनेश समदड़िया, कोषाध्यक्ष पुनीत धोका, स्थानकवासी जैन संघ हल्लदगेरी के उपाध्यक्ष सुभाष दरड़ा, वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष प्रकाश पितलिया, सचिव भैरुलाल कोठारी, कांतादेवी हिंगड़, सपना हिंगड़, महावीर हिंगड़, दिनेश हिंगड़, अर्पिता हिंगड़, मुक्ति महिला मंडल की अध्यक्ष सरलाबाई हिंगड़, सचिव नीलम लोढ़ा, कोषाध्यक्ष कविता सकलेचा, मीठालाल गुलेच्छा, महावीरचंद सकलेचा, पारसमल खारीवाल, पूरणमल लोढ़ा, शांतिलाल लोढ़ा, प्रकाश सेहलोत, राजेश ललवाणी, संजय मारु, अशोक धोका आदि मौजूद थे। संचालन सचिव किरण देरासरिया ने किया। कोषाध्यक्ष सोहनलाल भंसाली ने आभार ज्ञापित किया।कर्मों को भोगे बिना मोक्ष नहीं