बैंगलोर

मुझेे समिति की बैठक में भाग लेने से कोई नहीं रोक सकता: विश्वनाथ

इन दोनों पार्टियों के साझा न्यूनतम कार्यक्रमों में समन्वय बनाए रखने के लिए ही समिति की गठन किया गया है

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मुझेे समिति की बैठक में भाग लेने से कोई नहीं रोक सकता: विश्वनाथ

बेंगलूरु. जनता दल-एस के प्रदेश अध्यक्ष एच. विश्वनाथ ने कहा कि गठबंधन सरकार की समन्वय समिति की गठन दोनों दलों के बीच तालमेल बनाकर रखने के लिए किया गया है। कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव बैठक में भाग लेंगे और जनता दल-एस से वे भाग लेंगे। उन्हें बैठक में भाग लेने से कोई नहीं रोक सकता।

विश्वनाथ ने सोमवार को मैसूरु में समन्वय समिति में दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों को शामिल करने व विशेष रूप से विश्वनाथ को शामिल किए जाने के मसले पर उभरे विवाद पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि सरकार में केवल दो ही दल हैं। एक जद-एस है तो दूसरी पार्टी कांग्रेस है। इन दोनों पार्टियों के साझा न्यूनतम कार्यक्रमों में समन्वय बनाए रखने के लिए ही समिति की गठन किया गया है। लिहाजा दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों का समिति की बैठक में उपस्थित में रहना जरूरी है।

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मैसूरु नगर निगम में जद-एस-भाजपा के गठबंधन वाले बोर्ड के जरिए शहर का कोई विकास नहीं होने के सिद्धरामय्या के रविवार को दिए बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए विश्वनाथ ने कहा कि सिद्धरामय्या मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री जनता दल-एस में रहते बने थे और उनको इस बात को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस बार मैसूरु नगर निगम चुनाव में जद-एस अपने बलबूते पर जीतकर सत्ता में आएगा। पार्टी ने मैसूरु के सर्वांगीण विकास के लिए खूब परिश्रम किया है लिहाजा मैसूरु की जनता पार्टी के उम्मीदवारों को जिताएगी। कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी के बयान पर विश्वनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री को बदलना किसी भी हाल में संभव नहीं है। समन्वय समिति सरकार को मजबूत करने के लिए है न कि सरकार को तोडऩे के लिए है।


प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे
बेंगलूरु. केन्द्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ जद-एस- कांग्रेस गठबंधन सरकार की जल्द ही पतन होगा और प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे। उन्होंने सोमवार को यहां कहा कि जनता दल-एस व कांग्रेस ने किसी सिद्धांत या विचारधारा के आधार पर नहीं बल्कि केवल भाजपा को सत्ता से दूर रखने के मकसद से गठजोड़ कर सरकार बनाई है।

यह अधिक समय तक सत्ता में बनी नहीं रह पाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व जद-एस परस्पर विपरीत दिशाओं में चल रहे हैं। दोनों ही दलों के बीच आपसी अविश्वास बढ़ रहा है और दोनों दलों के नेता एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं। ऐसी सरकार का होना या नहीं होना बराबर है। उन्होंने कहा कि राजनीति ठहरा पानी नहीं है। पुराना पानी बह जाता है और नया पानी आता है। ठीक इसी तरह इस सरकार का जल्द ही पतन होगा और भाजपा के सत्ता में आने में कोई संदेह नहीं है। हम किसी भी हाल में इस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करेंगे लेकिन यह सरकार स्वत: गिर जाएगी।

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Published on:
28 Aug 2018 08:10 pm
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