
भाजपा नेता की हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी दोषी पाए गए
Vinay Kulkarni Convicted: कर्नाटक में सनसनीखेज राजनीतिक हत्याकांड में विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बुधवार को एमएलए/एमपी के लिए गठित विशेष अदालत ने वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया। अदालत ने सीबीआई को कुलकर्णी समेत अन्य दोषियों को तुरंत हिरासत में लेने का आदेश दिया।
अदालत ने लंबे मुकदमे के बाद फैसला सुनाया। सजा की मात्रा का ऐलान कल यानी 16 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। विनय कुलकर्णी इस मामले में आरोपी नंबर 15 हैं और वर्तमान में कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के चेयरमैन हैं। अदालत ने उन्हें आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी पाया।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में कुल 21 आरोपी थे। इनमें से 17 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। दो आरोपी अप्रोवर बन चुके हैं। अदालत ने कुल 19 लोगों को दोषी करार दिया। आरोपी नंबर 20 और 21 वासुदेव नीलकण्ठी तथा सोमशेखर को बरी कर दिया गया।
बसवराज मुत्तगी (अप्रोवर), विक्रम, कीर्ति कुमार, संदीप, विनायक, महाबलेश्वर उर्फ मुडका, संतोष, दिनेश, अश्वथ, सुनील, नजीर अहमद, शनवाज, नूतन, हर्षित, विनय कुलकर्णी, चंद्रू मामा, विकास कलबुरगी और चन्नकेशव तिंगरिकर।
यह घटना 15 जून 2016 की है, जब धारवाड़ शहर के एक जिम में भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा को हथियारों से मारकर हत्या कर दी गई थी। योगेश गौड़ा उस समय विनय कुलकर्णी के राजनीतिक विरोधी थे। उस समय कुलकर्णी सिद्धारमैया सरकार में मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री थे।
मामले की जांच शुरू में राज्य पुलिस कर रही थी, बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। 2020 में कुलकर्णी गिरफ्तार हुए, 2021 में जमानत मिली, फिर गवाहों को प्रभावित करने के आरोप में जमानत रद्द हुई। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें जमानत मिली थी, लेकिन हाल ही में फिर जमानत पर थे।
इस मामले को भाजपा ने लगातार राजनीतिक मुद्दा बनाया था। पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येडियुरप्पा ने चुनावी रैलियों में वादा किया था कि भाजपा सत्ता में आई तो कुलकर्णी जेल जाएंगे। अब अदालत के फैसले ने कर्नाटक की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
Updated on:
15 Apr 2026 10:45 pm
Published on:
15 Apr 2026 10:37 pm
