उन्होंने कहा कि युवा मन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि जगाने के लिए तैयार की गई ऐसी परियोजनाएं अंतरिक्ष के प्रति उत्साही लोगों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए आवश्यक हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में प्रारंभिक जानकारी छात्रों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन Indian Space Research Organisation (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ Dr. S. Somnath ने कर्नाटक राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की महत्वाकांक्षी दूरबीन वितरण परियोजना की प्रशंसा की। इसके तहत 833 आवासीय हाई स्कूल के छात्रों को दूरबीन वितरित की जाएगी। उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में राज्य के भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान देने की इसकी क्षमता पर भी प्रकाश डाला।
समाज कल्याण विभाग द्वारा मंगलवार को आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान, डॉ. सोमनाथ ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा मन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि जगाने के लिए तैयार की गई ऐसी परियोजनाएं अंतरिक्ष के प्रति उत्साही लोगों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए आवश्यक हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में प्रारंभिक जानकारी छात्रों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। इस पहल की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता सराहनीय है, तथा यह भविष्य में एक मजबूत वैज्ञानिक समुदाय का मार्ग प्रशस्त करेगी।
लघु सिंचाई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एन.एस. बोसराजू ने कहा कि पहले चरण में, 833 आवासीय विद्यालयों को दूरबीनें प्रदान की जाएंगी। उन्होंने इसे छात्रों को अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
समाज कल्याण विभाग मंत्री एच. सी. महादेवप्पा की उपस्थिति में प्रतीकात्मक रूप से दो आवासीय विद्यालयों को दूरबीनें प्रदान की गईं।