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AI के जिम्मेदार उपयोग के लिए कर्नाटक सरकार की पहल, रिस्पॉन्सिबल Artificial Intelligence कमेटी का गठन

कर्नाटक सरकार ने शासन और सार्वजनिक सेवाओं में एआई के जिम्मेदार उपयोग के लिए “रिस्पॉन्सिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमेटी” का गठन किया है। क्रिस गोपालकृष्णन की अध्यक्षता वाली यह कमेटी एआई नीति और उसके क्रियान्वयन का रोडमैप तैयार करेगी तथा 90 दिनों में अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
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बैंगलोर

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Anurag Animesh

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Updated: 13 Mar 2026, 2:50 AM IST

Artificial Intelligence

Artificial Intelligence(Image-Freepik)

Artificial Intelligence: शासन और सार्वजनिक सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने AI तकनीक के सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार उपयोग के लिए “रिस्पॉन्सिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमेटी” का गठन किया है। इस कमेटी का उद्देश्य राज्य में एआई के उपयोग के लिए एक स्पष्ट नीति ढांचा तैयार करना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

AI: बैठक हुई आयोजित


इस कमेटी की पहली बैठक गुरुवार को बेंगलूरु में आयोजित की गई। बैठक में AI के उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस पैनल की अध्यक्षता उद्योग जगत के वरिष्ठ विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन कर रहे हैं, जबकि एआई विशेषज्ञ एन. मंजुला को कमेटी का सह-अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी में उद्योग, शिक्षाविदों, कानून और सार्वजनिक नीति से जुड़े कई विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इन विशेषज्ञों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी तंत्र में एआई तकनीक का इस्तेमाल नैतिक, सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एआई आधारित सिस्टम नागरिकों के अधिकारों और गोपनीयता का सम्मान करें।

Artificial Intelligence: रिस्पॉन्सिबल एआई पॉलिसी तैयार की जाएगी


सरकार ने कमेटी को “रिस्पॉन्सिबल एआई पॉलिसी” तैयार करने और उसके क्रियान्वयन का रोडमैप बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी विभागों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एआई सिस्टम पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित हों। अधिकारियों के अनुसार कमेटी को 60 दिनों के भीतर एक अंतरिम रिपोर्ट और 90 दिनों के भीतर अंतिम सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी। इन सिफारिशों के आधार पर कर्नाटक सरकार एआई तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए व्यापक नीति लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।