
शाजापुर. कलेक्टर ऋजुबाफना के निर्देशानुसार कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम ‘आत्मा’ के अंतर्गत विकासखंड शाजापुर के ग्राम सिहोदा में प्राकृतिक खेती एवं नरवाई प्रबंधन विषय पर किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परियोजना संचालक आत्मा डॉ. स्मृति व्यास, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जी.आर. अम्बावतिया, ग्राम पंचायत सरपंच अशोक जाट, उपसरपंच राजेन्द्र सिंह देवड़ा तथा उपयंत्री नीरज मंडलोई सहित 80 से अधिक किसान उपस्थित रहे। संगोष्ठी का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना तथा फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करना रहा।
संगोष्ठी में डॉ. स्मृति व्यास ने किसानों को शासन की मंशा के अनुरूप कम से कम एक एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत कम होती है और भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। किसानों को जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और दसपर्णी अर्क तैयार करने की विधि तथा आवश्यक सामग्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उपजाऊ क्षमता घटती जा रही है, जिससे दीर्घकाल में उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जी.आर.अम्बावतिया ने किसानों को फसल विविधीकरण के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि खाद्यान्न फसलों के साथ औषधीय फसलों का उत्पादन करने से किसानों को कम लागत में अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने किसानों को जायद मौसम में मूंग, उड़द, मूंगफली और तिल जैसी फसलें लगाने की सलाह दी।
वहीं उपयंत्री नीरज मंडलोई ने नरवाई प्रबंधन पर जानकारी देते हुए किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई न जलाएं, बल्कि गहरी जुताई और रोटावेटर की मदद से उसे मिट्टी में मिला दें, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है। उन्होंने हैप्पी सीडर और सुपर सीडर मशीनों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में बीटीएम आत्मा मांगीलाल सिरोलिया और एटीएम सालिकरामधाकड़ ने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ दिलाई, जबकि किसान धर्मेंद्र जाट ने सभी अतिथियों और किसानों का आभार व्यक्त किया।
Published on:
13 Mar 2026 01:30 am
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