बैंगलोर

पीएसएलवी की विफलता से अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को बड़ा झटका

निजी कंपनियों के 7 उपग्रह हुए नष्ट, नहीं कराया था बीमा निजी फंडिंग के सहारे चल रही कंपनियों के पास बीमा कराने की
2 min read
Jan 15, 2026
Feature image

पीएसएलवी सी-62 की विफलता देश के उभरते अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए भारी नुकसानदायक साबित हुआ है। इस मिशन में निजी क्षेत्र के 7 उपग्रहों का नुकसान हुआ है, जिसमें धु्रव स्पेस के 5 उपग्रह थे। अंतरिक्ष कारोबार में अपना पांव जमाने की कोशिश कर रही इन कंपनियों को इस झटके से उबरना आसान नहीं होगा।


अंतरिक्ष सुधारों के बाद भारतीय स्टार्टअप्स को अपने उपग्रह लांच करने का मौका मिला है, लेकिन अभी ये कंपनियां निजी फंडिंग के सहारे चल रही हैं। हालांकि, उपग्रहों की बीमा कराने की सुविधा है, जिससे मिशन विफल रहने पर पूरे उपग्रह की कीमत मिल जाती है, लेकिन फंड की कमी के कारण इन भारतीय कंपनियों ने बीमा नहीं कराया था। बीमा की राशि पूरे उपग्रह की कीमत की लगभग 50 फीसदी होती है। इतनी बड़ी बीमा राशि वहन की क्षमता नहीं होने के कारण भारतीय स्टार्टअप्स इसरो और उसके प्रक्षेपणयान पीएसएलवी पर भरोसा करते हैं। इस बार उन्हें इस मिशन में बड़ा झटका लगा है, जिससे उबरना उनके लिए आसान नहीं होगा। इसरो भी भारत से लांच होने वाले उपग्रहों और रॉकेट का बीमा नहीं करवाता है, लेकिन विदेशी धरती से लांच होने वाले उपग्रहों के लिए बीमा होती है।

पीएसएलवी की लगातार विफलता

गौरतलब है कि पीएसएलवी के पिछले लगभग 32 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब इसके दो मिशन लगातार विफल हुए हैं।आठ महीने पहले 18 मई 2025 को पीएसएलवी सी-61 से सी-बैंड सिंथेटिक अपर्चर राडार उपग्रह ईओएस-09 लांच गया था, जो देश की सीमाओं की निगरानी और दुश्मनों के ठिकानों का मानचित्रण करने के लिए था, लेकिन प्रक्षेपण के करीब 6 मिनट 20 सेकेंड बाद पीएसएलवी अपने निर्धारित पथ से विचलित हो गया। पीएसएलवी सी-62 भी प्रक्षेपण के करीब 6 मिनट 20 सेकेंड बाद पथ से विचलित हो गया। इस बार पीएसएलवी की विफलता के कारण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह ईओएस एन-1 (अन्वेष) समेत 15 अन्य उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में नहीं पहुंचाया जा सका। इन 15 उपग्रहों में 7 भारतीय और 8 विदेशी थे।

Also Read
View All
Karnataka ED Raid: कर्नाटक में ED पर सियासी संग्राम तेज! DK शिवकुमार के दावे पर BJP का पलटवार, बोले- ‘नाम पता हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं?’

‘राम मंदिर के लिए देशभर से आई ईंटें और रुपए, लेकिन हुआ दुरुपयोग’, डीके शिवकुमार ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप

गणेश जुलूस को मस्जिद के सामने से ले जाने पर रोक का आरोप, कर्नाटक में BJP-Congress आमने-सामने

NLSIU में उमर खालिद पर डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग से भड़का विवाद, ABVP ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रशासन से की रद्द करने की मांग

Karnataka Cabbie Murder Case: हादसा नहीं था कत्ल! कैब में बैठे यात्री ने ऐसे रची साजिश, CCTV और मोबाइल ने खोल दिया पूरा राज