
बेंगलूरु. पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) ने शुक्रवार को कोका न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया। एसआइटी ने 9,235 से अधिक पेज का आरोप-पत्र दाखिल किया। वैचारिक के कारण ही गौरी लंकेश की हत्या की साजिश की गई थी। एसआइटी ने 14 माह तक जांच करने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया है। मामले की जांच अब अंतिम चरण में है। मई में एसआइटी ने 650 पेज का पहला पत्र दाखिल किया था। इसके बाद एसआइटी ने फिर जांच जारी रखी। आरोप पत्र में बताया गया है कि आरोपियों ने महाराष्ट्र और गोवा में गौरी लंकेश की हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपपत्र में अमोल काळे को पहला आरोपी बताया गया है। इसमें 18 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इन सभी आरोपियों के बारे में विवरण सग्रहित कर आरोपपत्र मे शामिल किया गया है। आरोपियों के खिलाफ कोका अधिनियम लगाया गया है। इस मामले के अतिरिक्त आरोपियों के नाम शामिल करने के लिए 27 नवंबर अंतिम तारीख थी।