
Karnataka Congress: कर्नाटक के चन्नागिरी से कांग्रेस विधायक शिवगंगा बसवराज ने मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन और बीजेपी नेता बीपी हरीश के बीच चल रहे विवाद और कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का इस तरह सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना पार्टी और राजनीति के लिए गलत संदेश देता है।
'शिवगंगा ने कहा कि 'अगर वरिष्ठ नेता ही इस तरह बात करेंगे तो हम जैसे जूनियर नेताओं को क्या सीख मिलेगी? अगर वे इसी तरह एक-दूसरे को गालियां देते रहेंगे तो यह कैसा लगेगा? यह सब देखकर मुझे लगता है कि राजनीति में आने की जरूरत ही क्या थी।' उन्होंने मीडिया से ऐसे व्यवहार को उजागर करने की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ उनके-अपने पार्टी हाईकमान को कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि नेताओं को एक-दूसरे की राजनीतिक नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले सार्वजनिक रूप से नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि 'जो कहना है राजनीतिक रूप से कहिए। अगर व्यक्तिगत बात करनी है तो अंदर बैठकर कीजिए, सार्वजनिक रूप से ऐसा कुछ न करें जिससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़े।'
उन्होंने सिरिगेरे स्वामी के उपदेशों का जिक्र करते हुए भी दोनों नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाया। शिवगंगा ने कहा कि अगर वे स्वामीजी की बातों का सम्मान करते हैं तो उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एसएस मल्लिकार्जुन के उस बयान पर भी शिवगंगा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें मंत्री ने नए विधायकों के अहंकारी होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि सभी दलों में करीब 60 नए विधायक हैं और वे भी तीन साल से विधायक हैं, इसलिए अब उन्हें नया नहीं कहा जा सकता। शिवगंगा ने कहा कि मंत्री के बेटे हाल ही में विधायक बने हैं और संभव है कि उनका इशारा उनकी ओर रहा हो। उन्होंने कहा कि वह मंत्री की हर बात चुपचाप सुनने वाले नहीं हैं और मंत्री का बेटा भी नया विधायक है।
शिवगंगा ने भद्रा जलाशय से पानी छोड़े जाने के मुद्दे पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में पीने के पानी को लेकर पहले से चिंता है और ऐसे में भद्रा का पानी छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार तुंगभद्रा का पानी लिफ्ट कर भद्रा के ऊपरी हिस्से में छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने तुंगा से पानी लिफ्ट करने के लिए मंजूर 30 करोड़ रुपये के अनुदान पर संबंधित मंत्रियों से चर्चा करने की बात कही।
दरअसल, बीजेपी विधायक बीपी हरीश ने मंगलवार को मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन पर किसानों से बातचीत के दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। विवाद तब शुरू हुआ जब हरिहर क्षेत्र के कुछ किसान भद्रा जलाशय से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग लेकर मंत्री से मिलने पहुंचे थे।
हरीश के मुताबिक, किसानों ने मंत्री को बताया था कि वे उनके कहने पर भद्रा का पानी मांगने आए हैं। इसके बाद मंत्री ने कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसी विवाद पर अब कांग्रेस विधायक शिवगंगा बसवराज ने दोनों वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।