बैंगलोर

स्कूलों के विलय के विरोध में छात्रों-अभिभावकों का प्रदर्शन

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) AIDSO के बैनर तले छात्रों और अभिभावकों ने रविवार को हासन के चिक्कनाळु क्षेत्र स्थित कन्नड़ और उर्दू सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया। विलय के नाम पर… संगठन के राज्य Karnataka कोषाध्यक्ष सुभाष ने कहा, सरकार केपीएस-मैग्नेट योजना के नाम […]

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Mar 02, 2026
file photo

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) AIDSO के बैनर तले छात्रों और अभिभावकों ने रविवार को हासन के चिक्कनाळु क्षेत्र स्थित कन्नड़ और उर्दू सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया।

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विलय के नाम पर...

संगठन के राज्य Karnataka कोषाध्यक्ष सुभाष ने कहा, सरकार केपीएस-मैग्नेट योजना के नाम पर ग्राम पंचायत स्तर पर एक स्कूल बनाए जाने की बात कह रही है, लेकिन विलय के नाम पर 40,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी की जा रही है। चिक्कनाळु क्षेत्र के इन दोनों स्कूलों में 30 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं और यदि स्कूल बंद हुए तो उन्हें शहर के चिप्पिनकट्टे स्थित हाईस्कूल में भेजा जाएगा।

60,000 से अधिक शिक्षक पद खाली

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षों में विभिन्न सरकारों ने 3,500 से अधिक निजी स्कूलों को अनुमति दी, जबकि सरकारी स्कूलों के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। प्रदेश में 60,000 से अधिक शिक्षक पद खाली हैं और 21,000 से अधिक कक्षाएं मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। पहले इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

बंद नहीं होने देंगे

प्रदर्शन के दौरान अभिभावक सलमा बानो ने कहा, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मजदूर और गारमेंट्स में काम करने वाली महिलाएं रहती हैं। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी स्कूल अनिवार्य हैं। हम किसी भी स्थिति में अपने इलाके का स्कूल बंद नहीं होने देंगे।

Published on:
02 Mar 2026 04:40 pm
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