अधिकांश ओरल कैंसर के मरीज उन्नत अवस्था में कैंसर अस्पताल आते हैं। तब इलाज मुश्किल हो जाता है।
किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ आन्कोलॉजी Kidwai Memorial Institute of Oncology में ओरल आन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नदीमुल होदा Dr. Nadimul Hoda ने ओरल कैंसर की जांच और शीघ्र निदान पर जोर दिया।
इंडियन डेंटल एसोसिएशन, बेंगलूरु व साइट केयर कैंसर अस्पताल की ओर से आयोजित सतत दंत चिकित्सा शिक्षा (सीडीई) कार्यक्रम को संबोधित कर रहे डॉ. होदा ने कहा कि अधिकांश ओरल कैंसर Oral Cancer के पीछे तंबाकू Tobacco और इसके उत्पाद होते हैं। युवा मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जीभ का कैंसर ओरल कैविटी का सबसे खतरनाक कैंसर है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में ओरल कैंसर की पहचान करने में दंत चिकित्सकों Dentist की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। समय रहते निदान से शीघ्र उपचार और बेहतर परिणाम मिलते हैं। अधिकांश ओरल कैंसर के मरीज उन्नत अवस्था में कैंसर अस्पताल आते हैं। तब इलाज मुश्किल हो जाता है।