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आइआइएससी में फीस वृद्धि के खिलाफ एआइडीएसओ ने किया प्रदर्शन

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन

भारतीय विज्ञान संस्थान (आइआइएससी) के शैक्षणिक शुल्क बढ़ाने के निर्णय का विरोध।

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन AIDSO (एआइडीएसओ) ने रविवार को मल्लेश्वरम स्थित कुवेम्पु प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर भारतीय विज्ञान संस्थान Indian Institute of Science (आइआइएससी) के शैक्षणिक शुल्क बढ़ाने के निर्णय का विरोध किया।

आइआइएससी के अंडरग्रेजुएट बैचलर ऑफ साइंस (बीएस) कार्यक्रम की फीस को वर्ष 2026-27 शैक्षणिक सत्र से 10,000 रुपए से बढ़ाकर 80,000 प्रतिवर्ष किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की। छात्रों ने इसे 700 प्रतिशत की वृद्धि बताते हुए उच्च शिक्षा की सुलभता पर सीधा हमला करार दिया।सभा को संबोधित करते हुए एआइडीएसओ के राज्य कोषाध्यक्ष सुभाष बी.जे. ने कहा कि इतनी तीव्र फीस वृद्धि गरीब और मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए देश के शीर्ष विज्ञान संस्थान के दरवाजे बंद कर देगी।

सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं की अनदेखी

उन्होंने चेतावनी दी कि बीएस कार्यक्रम के बाद इसी शैक्षणिक वर्ष में पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रमों की फीस में संशोधन की योजना भारत में सस्ती और समावेशी शोध व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने फीस को अन्य उच्च रैंकिंग संस्थानों के बराबर लाने के तर्क को प्रतिगामी बताते हुए कहा कि यह छात्रों की सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं की अनदेखी करता है। आरक्षित वर्गों को दी जाने वाली छूट के बावजूद, समग्र फीस वृद्धि एक बहिष्करणकारी माहौल बनाती है और आम परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालती है।

फीस वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की और केंद्र सरकार से अनुसंधान संस्थानों के लिए वित्त पोषण बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि संस्थानों को छात्रों पर आर्थिक बोझ डालकर राजस्व जुटाने के लिए मजबूर न होना पड़े।इस मौके पर एआइडीएसओ कर्नाटक राज्य सचिव अजय कामत, राज्य उपाध्यक्ष अपूर्वा सी.एम. और चंद्रकला, बेंगलूरु जिला सचिव कल्याण कुमार सहित कई पदाधिकारी और छात्र उपस्थित थे।

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