
तीन कोच वाले की तुलना मेें छह कोच वाले ट्रेन में 15 फीसदी ऊर्जा की बचत होती है
बेंगलूरु. मेट्रो रेल निगम ने राज्य सरकार को सूचित किया है सभी ट्रेनों को छह कोच में परिवर्तित करना अगले साल के दिसम्बर तक संभव हो सकेगा। पहले निगम मार्च 2019 तक सभी 50 ट्रेनों को छह कोच वाले मेंं परिवर्तित करने की बात कहता रहा है। मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक अजय सेठ ने कहा कि मार्च 2019 तक 25 ट्रेनों को छह कोच वाले में परिवर्तित कर दिया जाएगा। चौथी छह कोच वाली ट्रेन का परिचालन अगले तीन सप्ताह में हो जाएगा जबकि पांचवी ट्रेन दिसम्बर के अंत में परिचालित होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र की कंपनी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीइएमएल) अगले साल अगस्त तक सभी इंटरमीडिएट कोचों की आपूर्ति कर देगी और अगले साल के अंत तक सभी ट्रेनें कोच को हो जाएंगी। बीइएमएल ने हर माह तीन से चार कोच की आपूर्ति के लिए मेट्रो रेल निगम से करार किया है।
मेट्रो ने इस साल 22 जून को छह कोच वाली पहली मेट्रो का परिचालन किया था जबकि दूसरी मेट्रो का परिचालन 4 अक्टूबर को शुरू हुआ। छह कोच वाली मेट्रो मेें लोको पायलट की केबिन के बाद पहला कोच महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहता है। मेट्रो निगम का कहना है कि तीन कोच वाले की तुलना मेें छह कोच वाले ट्रेन में 15 फीसदी ऊर्जा की बचत होती है। गौरतलब है कि छह कोच वाले ट्रेन का परिचालन शुरू होने के बाद मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। अभी रोजाना औसतन करीब 4 लाख लोग मेट्रो में सफर करते हैं। पिछले महीने त्योहारों के दौरान एक दिन में सर्वाधिक 4.49 लाख लोगों के सफर का कीर्तिमान बना था।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण करीब एक घंटे विलंब से समारोह में पहुंचे और सुबह करीब 11.44 बजे विधानसौधा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर बैयप्पनहल्ली जाने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर, महापौर गंगाम्बिका मल्लिकार्जुन, सांसद पी सी मोहन, विधान पार्षद टी ए सवरण्णा, मेट्रो के निदेशक (रोलिंग स्टॉक व इलेक्ट्रिकल) एन एम ढोके, कार्यकारी निदेशक (वित्त) दीप कोटिस भी उपस्थित थे।