
बेंगलूरु. कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (केइए) ने अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (यूजीसीइटी) के आवेदकों को फॉर्म भरने में हुइ गलतियां सुधारने का एक और मौका दिया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. सी. एन. अश्वथ नारायण ने गुरुवार को कहा कि राज्य में भारी बारिश के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है। इसके मद्देनजर आवेदकों को भूल सुधार का अवसर दिया गया है। यदि स्कूल अध्ययन के विवरण या अधूरी जानकारी के संबंध में पहले भरे गए आवेदन में कोई गलती है (यदि स्कूल या कॉलेज का पता गलत दर्ज किया गया है), तो उम्मीदवार इसे सात सितंबर तक किसी भी समय सही कर सकते हैं।
यदि स्कूल का विवरण पूरी तरह से भरा नहीं है (खाली छोड़ दिया गया है और तालुक और जिले की जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है), तो उम्मीदवार सात सितंबर तक सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अभिलेखों की जांच के दौरान किया जाना चाहिए।
यदि एक या दो वर्ष की स्कूली शिक्षा का विवरण गलत दर्ज किया जाता है, तो आठ सितंबर के बाद सुधारों को शामिल करने का अवसर दिया जाएगा। सभी वर्गों में सुधार का अवसर उन उम्मीदवारों को मिलेगा, जिनके संबंधित रिकॉर्ड की अब तक जांच नहीं की गई है।
वाणी विलास सागर बांध लबालब
- 1908 में बने बांध की भंडारण क्षमता 30 टीएमसी
चित्रदुर्ग. जिले के हिरियूर तहसील में स्थित वाणी विलास सागर बांध 90 वर्ष बाद लबालब हो गया है। जिले में हो रही भारी बारिश के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। बांध की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए गुरुवार शाम बांध के सभी क्रेस्ट गेट खोलकर नहरों मे पानी छोड़ा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार इस बांध की भंडारण क्षमता 30 टीएमसी है।
वर्ष 1908 में मैसूरु के वाडियार परिवार के नलवाडी कृष्णराज वाडियार ने इस बांध का निर्माण किया था। सर एम. विश्वेश्वरय्या इस बांध के मुख्य अभियंता थे। बताया जा रहा है कि पहली बार इस बांध में बांध की भंडारण क्षमता जितना पानी भर गया है। लबालब भरे बांध को देखने पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। बांध पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। बांध के निचले हिस्से के गांव वालों को बांध से बड़े पैमाने पर पानी छोडऩे की सूचना दे दी गई है।