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सीएम बनते ही एक्शन में डीके शिवकुमार, तैयार किया 15 दिन का एक्शन प्लान, विभागों को दिए महत्वपूर्ण आदेश

Karnataka Congress: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सभी विभागों को 15 दिन में एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने फील्ड मॉनिटरिंग, वोटर अधिकार, शिक्षा सुधार, CSR फंड उपयोग और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।

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Karnataka New Chief Minister

डीके शिवकुमार(फोटो-ANI)

Karnataka Congress: कर्नाटक में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है और राज्य की बागडोर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हाथों से निकलकर सीएम डीके शिवकुमार के हाथों में आ गई है। लंबे समय से शिवकुमार के सीएम बनने की चर्चाएं सुर्खियों में थी जिसके बाद अब आखिरकार उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। पद संभालते ही शिवकुमार पूरे एक्शन मोड में आ गए है। उन्होंने 15 दिन का एक एक्शन प्लान तैयार किया है। गुरुवार को बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने प्रशासनिक सुधारों और जवाबदेही को लेकर यह रोडमैप पेश किया।

जनता की समस्याओं का समाधान करने वाले को प्राथमिकता

सीएम शिवकुमार ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से काम करने और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। बैठक का मुख्य फोकस पारदर्शिता, फील्ड स्तर पर निगरानी, शिकायत निवारण और शिक्षा ढांचे को मजबूत करना रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार धर्म, जाति या प्रभाव के आधार पर पक्षपात नहीं करेगी और जो अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

15 दिनों के भीतर एक्शन प्लान तैयार करने के आदेश

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को योजनाओं के क्रियान्वयन में सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। सचिवों को नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा कर फील्ड बैठकें आयोजित करने और सरकारी योजनाओं की प्रगति की सीधी निगरानी करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर उसकी प्रभावशीलता दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बाहरी दबाव में न आने और निर्णय प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने की भी सलाह दी। सरकार ने विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक शिकायतों के लिए अलग तंत्र तैयार करने की घोषणा भी की है।

मतदान अधिकार से वंचित न रहे पात्र नागरिक - सीएम

मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को वोटर एन्यूमरेशन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने और दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने CSR फंड के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 8,000 से 8,500 करोड रुपये के CSR फंड की निगरानी जरूरी है ताकि उसका उपयोग शिक्षा और स्कूल भवनों के निर्माण में हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्कूल खोलने और शिक्षा के लिए बेंगलुरु की ओर हो रहे पलायन को रोकने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कैबिनेट से मंजूर CSR नीति के दिशा निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

हर तालुक में बनेगा विशेष पुलिस स्क्वाड

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कानून व्यवस्था को लेकर हर तालुक में विशेष पुलिस स्क्वाड बनाने का निर्देश दिया ताकि आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर भी असंतोष जताया और कहा कि वह स्वयं दिल्ली जाकर इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य की गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं होगा, हालांकि व्यावसायिक उपयोग में हो रहे सब्सिडी वाले बिजली कनेक्शनों के दुरुपयोग पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अंत में भ्रष्टाचार मुक्त और निष्पक्ष प्रशासन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।