अब तक मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत के तहत स्वैप डोनेशन केवल दो असंगत जोड़ों तक सीमित था, जहां डोनर को अपने रिश्तेदार के लिए ही किडनी दान करना अनिवार्य था और प्रक्रिया दो परिवारों के बीच अदला-बदली तक ही सीमित रहती थी।
किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) Kidney Transplant का इंतजार कर रहे मरीजों के लिए कर्नाटक Karnataka से राहत भरी खबर आई है। कर्नाटक सरकार ने मल्टी-पेयर किडनी स्वैप ट्रांसप्लांटेशन Multi-Pair Kidney Swap Transplantation को मंजूरी देते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे अंगदान की प्रक्रिया का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है।यह पहल खास तौर पर उन मरीजों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, जो जैविक असंगतता के कारण अब तक किडनी ट्रांसप्लांट नहीं करा पा रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से प्रत्यारोपण के अवसर बढ़ेंगे, प्रतीक्षा अवधि घटेगी और अधिक मरीजों को नई जिंदगी मिल सकेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुताबिक, राज्य में कई ऐसे डोनर-रिसीपिएंट जोड़े हैं, जिनके बीच ब्लड ग्रुप या अन्य कारणों से अनुकूलता नहीं बन पाती। ऐसे में पंजीकृत ट्रांसप्लांट अस्पतालों ने तीन या उससे अधिक जोड़ों के बीच किडनी एक्सचेंज की अनुमति देने की मांग की थी। अब तक मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत के तहत स्वैप डोनेशन केवल दो असंगत जोड़ों तक सीमित था, जहां डोनर को अपने रिश्तेदार के लिए ही किडनी दान करना अनिवार्य था और प्रक्रिया दो परिवारों के बीच अदला-बदली तक ही सीमित रहती थी।
स्वैप डोनेशन की प्रक्रिया में, जब किसी परिवार का डोनर अपने ही मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता, तो वह दूसरे परिवार के मरीज को किडनी देता है और बदले में उस परिवार का डोनर पहले मरीज को किडनी देता है। नई कर्नाटक मल्टी-पेयर किडनी एक्सचेंज ट्रांसप्लांटेशन गाइडलाइंस 2026 के तहत अब तीन या उससे अधिक डोनर-रिसीपिएंट जोड़ों को एक साथ जोड़कर मल्टी-पेयर स्वैप ट्रांसप्लांट किया जा सकेगा। इस प्रणाली में हर डोनर अपने रिश्तेदार की बजाय समूह के किसी अन्य संगत मरीज को किडनी देगा, जबकि उसके अपने मरीज को किसी अन्य डोनर से उपयुक्त किडनी प्राप्त होगी।
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए अनुमोदन प्रणाली, जरूरी दस्तावेजीकरण और सख्त नैतिक दिशा-निर्देश भी तय किए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।