24 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कर्नाटक सरकार ने लाखों मजदूरों को दिया बड़ा तोहफा, अब कुशल श्रमिकों को मिलेंगे हर महीने 31 हजार से ज्यादा रुपये

कर्नाटक सरकार ने Minimum Wages में 60 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। अब बेंगलुरु में श्रमिकों को कम से कम 23,376 रुपये प्रति माह मिलना तय हो गया है।

2 min read
Google source verification
Minimum Wage

कर्नाटक में न्यूनतम वेतन में 60 फीसदी की बढ़ोतरी (AI Photo)

Karnataka Minimum Wages Increase: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) में सीधे 60% की बढ़ोतरी कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य के 81 सेक्टरों में काम करने वाले लाखों असंगठित मजदूरों की किस्मत चमक गई है। अब राजधानी बेंगलुरु में अकुशल श्रमिकों को कम से कम 23,376 रुपये और कुशल श्रमिकों (Skilled Workers) को 31,114 रुपये प्रति माह मिलेंगे। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों के लिए नया सैलरी स्लैब 19,300 से 21,251 रुपये तय किया गया है। श्रम मंत्री संतोष लाड ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पुराना 4-जोन सिस्टम खत्म कर सभी को एक ही अधिसूचना के दायरे में लाया गया है।

कर्नाटक के दूसरे शहरों में अब कितनी मिलेगी सैलरी?

इस ऐतिहासिक फैसले का असर सिर्फ बेंगलुरु तक ही सीमित नहीं है। कर्नाटक के अन्य हिस्सों और छोटे शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में भी जबरदस्त सुधार किया गया है। बाकी इलाकों के लिए सरकार ने नया सैलरी स्लैब 19,300 रुपये से लेकर 21,251 रुपये प्रति माह के बीच तय किया है। अब पूरे राज्य में किसी भी मजदूर का शोषण नहीं हो पाएगा।

सिर्फ बेंगलुरु नहीं, पूरे कर्नाटक को फायदा

इसी बीच, इस बड़े फैसले की जानकारी देते हुए कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लाड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए साफ-साफ कहा कि हमारी सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर श्रमिकों की न्यूनतम मज़दूरी में 60 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके माध्यम से, हमारी सरकार ने राज्य के श्रमिक समुदाय की एक लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया है।

पुराना 4-जोन सिस्टम खत्म

सरकार ने इस बार सिर्फ सैलरी नहीं बढ़ाई, बल्कि बरसों पुराने उलझे हुए सिस्टम को भी हटा दिया है। पहले राज्य में चार अलग-अलग जोन के हिसाब से सैलरी तय होती थी, जिससे मजदूरों को भारी नुकसान होता था। इस पर बात करते हुए मंत्री संतोष लाड ने कहा कि 'यह अधिसूचना पूरे राज्य में असंगठित क्षेत्र और अन्य निर्दिष्ट क्षेत्रों के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करते समय, इस संशोधन को लागू करने में माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पीठ के निर्देशों का पालन किया गया है।' इसके अलावा, पहले के चार क्षेत्रों में वर्गीकरण के बजाय, पहली बार सभी अनुसूचित रोजगारों को एक ही अधिसूचना के अंतर्गत लाया गया है।'

81 सेक्टर के लाखों कर्मचारियों को राहत

अब सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक से कर्नाटक के 81 शेड्यूल्ड ऑक्यूपेशंस (अनुसूचित व्यवसायों) में काम करने वाले लाखों असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सीधा आर्थिक सुरक्षा कवच मिल गया है। इस वेतन वृद्धि को लागू करवाने के बाद श्रम मंत्री संतोष लाड ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, अपने कैबिनेट सहयोगियों और एक्सपर्ट्स का आभार जताया है, जिन्होंने श्रम विभाग के इस क्रांतिकारी फैसले को अपना पूरा समर्थन दिया।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग