
बांसवाड़ा/कुशलगढ़. महिला और बाल विकास विभाग के अधीन आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को बांटने के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराई चने की दाल शुक्रवार को कुशलगढ़ कस्बे के एक व्यापारी के गोदाम पर मिली। प्रशासन ने गोदाम से माल जब्त कर थाने में रखवाया। अब इसे लेकर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके पहले नायब तहसीलदार नीतिन मेरावत को जानकारी मिली थी कि आंगनबाड़ी केंद्र पर बांटने की दाल के कई कट्टे व्यापारी सौरभ पुत्र पुखराज कोठारी के गोदाम में डाले गए हैं। इस पर मेरावत ने अपनी टीम के साथ बांसवाड़ा मार्ग पर बने गोदाम पर अचानक पहुंचकर जांच की। गोदाम में 25-25 किलो के 61 कट्टे और एक-एक किलो के 109 दाल के पैकेट मिले। मौके पर पूछताछ पर मौजूद कार्मिक इसके बारे में कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए, तो पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद गोदाम को सील कर जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। इस पर विभाग की उपनिदेशक मंजू परमार देर शाम कुशलगढ़ पहुंची और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई में जुट गई।
एक-दूसरे पर जिम्मा, जांच से खुलेगी हकीकत
प्रकरण पर अब संबंधित विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। उपनिदेशक परमार ने थाने में कहा कि डीलर के माध्यम से सप्लाई होती है। ऐसे में डीलर जिम्मेदार है। दूसरी ओर, रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी सोहनसिंह चौहान का कहना है कि मामला आईसीडीएस का है। रसद विभाग का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि डीलर रसद विभाग के अधीन कार्य करते हैं। इसके अलावा झोल यह भी है कि सप्लायर और डीलर ने माल बराबर बांट दिया तो आंगनबाड़ी स्तर या लाभार्थियों से यह माल बाजार में पहुंचा है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि धरातलीय मांग और पूर्ति में अंतर का बेजा लाभ तो नहीं लिया जा रहा है।
इनका कहना है...
मुखबिर की सूचना पर छापा मारा, तो गोदाम में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को बांटने वाली दाल मिली। उसे जब्त कर थाने में रखवाई है। मामले में जिला प्रशासन को सूचित किया है। आगे की जांच पुलिस करेगी।
- नीतिन मेरावत, नायब तहसीलदार कुशलगढ़.