बांसवाड़ा

Banswara News : शहर के 1.15 लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर, अब मिलेगा शुद्ध पानी, कागदी केनाल में जलप्रवाह शुरू

बांसवाड़ा शहर की 1.15 लाख की अवाम के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार चलाई जा रही समाचार श्रृंखला के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर कागदी केनाल में जल प्रवाह शुरू हो गया है।
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Kagdi canal water flow
कागदी केनाल में जलप्रवाह शुरू। फोटो पत्रिका नेटवर्क

बांसवाड़ा। शहर की 1.15 लाख की अवाम के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार चलाई जा रही समाचार श्रृंखला के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर कागदी केनाल में जल प्रवाह शुरू हो गया है। इससे अब जलदाय विभाग संभावना जता रहा है कि अब शहर में पीले एवं मटमैले पानी की आपूर्ति नहीं होगी। राजस्थान पत्रिका ने शहरवासियों की बुनियादी जरूरत पानी को लेकर आ रही समस्या को प्रमुखता से उठाया। जलापूर्ति के समय रोजाना शहर के अलग-अलग मोहल्लों में जाकर लोगों से चर्चा कर उनकी पीड़ा को समाचारों के माध्यम से प्रमुखता से उठाया।

नतीजा आखिरकार जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीतसिंह यादव ने फिल्टर प्लांटों का निरीक्षण किया, तो लापरवाह अफसरों को फटकार लगाते हुए कड़े निर्देश दिए। इस दौरान हकीकत सामने आई कि जलदाय विभाग कागदी पिकअप वियर में जमा हुआ तथा कम ऑक्सीजन युक्त पानी की ही आपूर्ति कर रहा है। कलक्टर के निर्देश पर अब कागदी पिकअप वियर में माही बांध से ताजा पानी भरना प्रारम्भ कर दिया गया है।

समस्या की जड़, अब भी बरकार

दरअसल शहर की जलापूर्ति माही डेम के सरफेज वाटर कागदी-पिकअप से होती है। गर्मियों में कागदी का जलस्तर कम होने पर कई बार विभाग बायतालाब से पानी लेता है। दोनों ही जलाशयों में पानी में ठहराव होने से काई और जलकुम्भी पसर जाती है। इससे पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है। तेज तापमान से पानी में पनपी काई एवं वनस्पतियों का रंग पानी में घुलकर पीला कर देता है। इससे पानी बदबूदार हो जाता है और यह पानी दूषित कर देता है। पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने के लिए गत वर्ष नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने निर्देश दिए थे। पर, विभाग ने ध्यान नहीं दिया।

ये करें प्रयास, तो होगी राहत

-कागदी डेम व बायतालाब से खरपतवार की नियमित निकासी।
-फ्लोटिंग वेटलैंड और सेडीमेंट हेजिंग तकनीक अपनाई जाए।
-जल शुद्धिकरण संयंत्रों पर ऑटोमेटेड डॉजिंग मशीन लगाना।

फैक्ट-फाइल

-20,500 जल उपभोक्ता है बांसवाड़ा में
-17 एमएलटी (1 करोड़ 70 लाख लीटर) पानी की होती है जरूरत
-3 फिल्टर प्लांट से होती है शहर में हर रोज जलापूर्ति
-15 टंकियों के माध्यम से होती है शहर में पानी की आपूर्ति

ग्रामीणों ने चारपाई पर घड़े रख निकाली यात्रा

उधर, नवगठित पंचायत समिति सरेड़ी बड़ी की ग्राम पंचायत भीमसौर में दो माह से पेयजल संकट से परेशान लोगों का सब्र टूट गया। परेशान ग्रामीणों ने चारपाई पर घड़े रख जलदाय विभाग की शव यात्रा निकाल विरोध जताया। बड़ी संख्या में ग्रामीण चापेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। गढ़ी उपप्रधान दशरथ सिंह वाघेला, सरपंच मीरा दायमा,मोहनलाल, हीरा कांडोर, राजपालसिंह, लक्ष्मण अमलियार, रमेश राठौड़, हितेश, भरत कुमार, सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने प्रशासन एवं जलदाय विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

Updated on:
01 Jun 2026 03:06 pm
Published on:
01 Jun 2026 03:06 pm