
सागवाड़ा. नीट परीक्षा पेपर लीक मामले, छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोल चौराहा पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नीट में हुई धांधली और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध जताया। पूर्व राज्यमंत्री दिनेश खोड़निया ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण में देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, शिक्षा मंत्री एवं प्रधानमंत्री के रवैये तथा राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में यह प्रदर्शन किए जाने की बात कही।
उपखण्ड कार्यालय के बाहर से प्रधानमंत्री का पुतला लेकर नारेबाजी करते हुए गोल चौराहे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। इस दौरान कैलाश रोत, नरेंद्र खोड़निया, ब्लॉक अध्यक्ष धीरज मेहता, जिला उपाध्यक्ष कपिल भट्ट, अभाव अभियोग प्रकोष्ठ अध्यक्ष मनोहर कोटेड, नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित पंचाल, चंद्रशेखर संघवी, गौतम पाटीदार, राजेश पाटीदार, देवीलाल पाटीदार, लालशंकर पाटीदार, कल्पेश रावल, पवन सरपोटा, संजय प्रजापत, चेतन डेंडोर, मोहित भट्ट, मयूर भट्ट, मंगलजी बामणिया, भरत भट्ट, नानूराम मकवाणा, महेंद्र रोत, गंगाजी सरपोटा, प्रदीप जोशी, देवीलाल फलोत, गजेंद्र बामणिया, आबेद वरदा, कचरा मालीवाड़, दिनेश पाटीदार मौजूद रहे।
छात्र संगठनों की आक्रोश रैली
इसी कड़ी में छात्रसंघ संगठनों से जुड़े छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ शहर में आक्रोश रैली निकाली और उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन कर उपखण्ड अधिकारी सुबोधसिंह चारण को ज्ञापन सौंपा। हाथों में झंडे और मोदी सरकार चुप्पी तोड़ो, छात्रों को जवाब दो के नारे वाली तख्तियां लेकर विद्यार्थी रोडवेज बस स्टैंड से रैली करते हुए गोल चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम कार्यालय पर विद्यार्थियों ने दिल्ली जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में और नीट एवं यूजीसी पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण धरने को जबरन हटाना तानाशाही है।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों ने एसडीएम के समक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफा देने, विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तत्काल प्रभाव से रद्द करने, भविष्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाने की मांग रखी। इस दौरान आशा डेंडोर, यश यादव, विश्वास यादव, पंकज डेंडोर, संजय डामोर, राकेश सरपोटा, गोविन्द रोत, लीला दर्जी, चांदनी ननोमा, माया रोत, टीना यादव, सागर अहारी, विशाल मईड़ा मौजूद रहे।