
बनकोड़ा @ पत्रिका. कस्बे सहित आसपास के गांवों में अब तक बारिश का झमाझम दौर नहीं आया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। भारतीय किसान संघ के संभाग उपाध्यक्ष मोगजी भाई पाटीदार ने बताया कि आगामी पांच-छह दिन में बारिश नहीं आई तो खरीफ की सोयाबीन फसल खत्म हो जाएगी। किसानों ने मानसून की शुरूआत में सोयाबीन की बुवाई की थी। जुलाई अंत में हुई बारिश से फसल को संजीवनी मिली थी, लेकिन अब खेतों में नमी फिर से खत्म होने लगी है। पाटीदार ने बताया कि इस क्षेत्र में सोयाबीन का रकबा ज्यादा है। किसानों को हजारों रुपये खर्च करने के बाद फसल से आस बंधी थी, लेकिन मानसून की बेरुखी चिंता बढ़ा रही है। गत वर्ष सोयाबीन में मोजेक रोग से खराबा हुआ था। इस बार अच्छे मानसून की अपेक्षा थी, लेकिन अब तक की स्थिति ठीक नहीं है। किसानों की फसल के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो रही है। बारिश की कमी से तालाबों, एनिकटों और कुओं का जलस्तर भी प्रभावित होगा। गत वर्ष सभी तालाब ओवरफ्लो हुए थे, लेकिन इस बार बादल मंडरा रहे हैं पर बरस नहीं रहे, जिससे उमस बढ़ रही है।