
बांसवाड़ा. जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र की निर्दलीय विधायक रमीला खडिय़ा द्वारा बीती रात ऑन ड्यूटी हैड कांस्टेबल को कथित रूप से थप्पड़ जडऩे से दूसरे दिन मामला गरमाया रहा। विधायक के भांजे को रोकटोक पर गुस्साई विधायक की बदसलूकी और धमकी पर हैड कांस्टेबल ने कुशलगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा के आरोप में एफआईआर दी। इसे लेकर सुबह से रिपोर्ट वापसी के लिए दबाव बना रहा, लेकिन हैड कांस्टेबल अड़ा रहा। इससे बात नहीं बनी। फिर विधायक के भांजे ने हैड कांस्टेबल के खिलाफ रिपोर्ट दी, तो पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज किए। प्रकरण की जांच सीआईडी सीबी को सौंपी गई है।
इससे पहले रात के घटनाक्रम को लेकर एसपी कावेंद्रसिंह सागर के निर्देश पर खुद एएसपी कैलाश सांदू कुशलगढ़ पहुंचे और वस्तुस्थिति जानकर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। एएसपी सांदू ने बताया कि कोविड-१९ को लेकर रात को जाब्ता ड्यूटी कर रहा था। शाम को लोगों के घूमने पर मनाही है। इस दौरान एक लडक़ा आया, जिसे रोकने पर उसने पुलिस के साथ बदतमीजी की और बोला कि मैं आपको नौकरी करना सीखा दूंगा। फिर ऑन ड्यूटी हैड कांस्टेबल की नेमप्लेट देखी और उसका गला पकड़ लिया। फिर छुड़ाने की कोशिश कर स्थानीय विधायक को फोन किया, तो विधायक मौके पर आईं। हैड कांस्टेबल का कहना है कि मौके पर उन्होंने आकर मारपीट कर दी। उधर, सुनील नाम के लडक़े का कहना है कि पुलिस ने उन्हें पीटा। इस पर दोनों तरफ से केस दर्ज किए गए। चूंकि मामला विधायक से जुड़ा है, इसलिए तफ्तीश सीआईडी क्राइम ब्रांच करेगी। जो भी नतीजा आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि सुनील विधायक खडिय़ा की बहन का बेटा है।
रात से दबाव पर न्याय के लिए अडिग रहूंगा
हैडकांस्टेबल महेंद्रनाथ ने बताया कि उसने ड्यूटी समाप्ति पर रात एक बजे थाने आकर हैड कांस्टेबल गणपतलाल को रिपोर्ट दी। यहां एक कांस्टेबल ने लाइन में ड्यूटी करने जाने को कहा, आदेश मांगा तो नहीं बताया। तब सीआई से पूछा। उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं होना बताया। हैड कांस्टेबल ने कहा कि लोकसेवा करते आज मेरे साथ हुआ, कल दूसरों के साथ होगा। रिपोर्ट वापस लेने के लिए मुझ पर लगातार दबाव डाला गया, लेकिन मैं न्याय के लिए अडिग हूं। मेरा कैसा भी नुकसान करे। पीछे नहीं हटूंगा।