
बांसवाड़ा. मांसाहार में लापवाही शहर के एक शख्स के लिए भारी पड़ गई, जबकि मीट के साथ हड्डी का टुकड़ा निगलने से वह भोजन नली में जा फंसा। मामला जटिल हुआ तो एमजी अस्पताल के नए इएनटी सर्जन ने टीम के साथ करीब डेढ़ घंटे का लंबा ऑपरेशन कर हड्डी को निकाला। मरीज की हालत में अब सुधार है। पीएमओ डॉ. अनिल भाटी ने बताया कि दुरबीन से पहली दफा इस तरह का ऑपरेशन बांसवाड़ा में सफल रहा है। अब तक ऐसे मामले सामने आने पर मरीज को रैफर करने के सिवा कोई चारा नहीं था। पिछले दिनों बांसवाड़ा में पदस्थापित ईएनटी सर्जन डॉ. सुरेश यादव ने यहां सुबह मरीज पहुंचते ही प्लानिंग की। फिर शाम को ऑपरेशन किया। इस सफलता से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी जटिल परिस्थितियों पर यही उपचार होने से मरीजों को उदयपुर, अहमदाबाद ले जाने का जोखिम, खर्चा बचेगा।
सुबह ही पहुंचा, शाम को कर दी सर्जरी
सर्जन डॉ. यादव ने बताया कि यादव मोहल्ला निवासी 40 वर्षीय ईश्वर शनिवार सुबह ही गंभीर हालत में लाया गया। परिजनों से पता चला कि शुक्रवार को उसने मीट खाया, जिसकी हड्डी गले में फंस गई। इससे पानी पीना भी मुश्किल हो गया, लेकिन उसने किसी को बताया नहीं और रातभर परेशान होता रहा। सुबह दिक्कत बढ़ी, तो पता चला। अस्पताल लाने पर एक्स-रे करवाने पर मालूम हुआ कि हड्डी भोजन नली में अटक गई है। इस पर दिनभर में कोविड-टेस्ट सहित अन्य जांचें करवाकर शाम को डॉ. योगेश गुप्ता, ऑडियोलोजिस्ट गंगाराम, स्टाफ सदस्य हर्षित और सहयोगी लालाराम की टीम के साथ दुरबीन से ऑपरेशन किया गया। इससे गले में 5 सेमी लंबी और दो सेमी मोटी हड्डी का टुकड़ा निकालने के बाद मरीज अब सुरक्षित है।