बांसवाड़ा

हादसों का हाइवे: सड़कों पर गोवंशों का डेरा, 15 दिन में 23 की गाेवंश की मौत

Rajasthan

सागवाड़ा. डूंगरपुर-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927 ए और शहर के अंदरूनी मार्गों पर गोवंशों के जमावड़े से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गलियाकोट मोड़, गोल चौराहा, आसपुर रोड, गामठवाड़ा मार्ग, पुनर्वास कॉलोनी और बांसवाड़ा मार्ग पर शाम ढलते ही बड़ी संख्या में गोवंश सडक़ के बीचों-बीच बैठ जाते हैं। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। वागड़ में सावन में क्षेत्र के गोरेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर वान्दरवेड, सिद्धनाथ महादेव मंदिर ठाकरड़ा सहित आसपास के सभी शिवालयों में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन्हीं मार्गों से गुजरेंगे। दिन-रात वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोवंशों की मौजूदगी गंभीर सुरक्षा का विषय बन गई है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि शाम 7 बजे के बाद समस्या सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। काले और भूरे रंग के गोवंश अंधेरे में सडक़ पर दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आने पर ब्रेक लगाते हैं तो वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। इसमें न सिर्फ वाहन चालक घायल हो रहे हैं, बल्कि गोवंश भी गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।

१५ दिन में २३ गोवंशों की हुई मौत

श्री सन्मति गोशाला के संचालक हितेश भोई ने बताया कि पाड़वा से आसपुर मार्ग, गोवाड़ी से वरदा मार्ग, सागवाड़ा से माही पुल मार्ग पर गोवंशों के विचरण करने से २३ गोवंशों की मौत हो चुकी है। वही बड़ी संख्या में गोवंश घायल हुए हैं जिनमें से १३ घायल अभी भी गोशाला में उपचाररत है एवं कई गोवंशों के रिकवर होने पर उन्हें छोड़ दिया गया है। भोई ने बताया कि शहरवासियों की सूचना पर घायल गोवंशों को गोशाला में लाकर इलाज किया जाता है।

गोशाला में 100 गोवंश रखने की क्षमता

श्री श्री उत्तम गोपाल कृष्ण गोशाला के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सुथार और संयोजक मुकेश भोई ने बताया कि नगरपालिका द्वारा अब तक बहुत कम गोवंश ही गोशाला में पहुंचाया गया हैं। उन्होंने कहा कि हमारी गोशाला में अभी भी 100 गोवंश रखने की क्षमता खाली है। चारा-पानी, दवा और देखरेख की पूरी व्यवस्था है। नगरपालिका प्रशासन को चाहिए कि वह अभियान चलाकर शहर और राष्ट्रीय राजमार्ग से सभी गोवंशों को पकडक़र गोशाला में स्थानांतरित करे और सडक़ों को गोवंश मुक्त करे।

समाजसेवी श्याम भट्ट ने कहा कि बारिश के मौसम में हर शाम हाइवे पर गोवंशों का जमावड़ा लग जाता है। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने उपखण्ड अधिकारी और नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 927ए, स्टेट हाइवे और शहर की सभी प्रमुख सडक़ों को तत्काल गोवंश मुक्त किया जाए, पकड़े गए गोवंशों को गोशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए।

Updated on:
08 Aug 2026 06:01 am
Published on:
08 Aug 2026 06:00 am