
सागवाड़ा. पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में मरीजों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। अस्पताल की लैबोरेटरी से जुड़ा टॉयलेट पूरी तरह गंदगी, कचरे और टूट-फूट का शिकार है, जिसके कारण मरीजों विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल आने वाले मरीजों को यूरिन सैंपल देने के लिए इसी गंदे टॉयलेट का उपयोग करने को मजबूर होना पड़ रहा है। फर्श पर मल के निशान, चारों ओर कचरा, प्लास्टिक की बोतलें और दीवारों पर काई लगी हुई है। टॉयलेट में पानी की उचित व्यवस्था भी नहीं है और सफाई के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसी अस्वच्छ जगह पर यूरिन सैंपल देने से महिलाओं में यूटीआई, त्वचा संक्रमण, फंगल इन्फेक्शन और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एक तरफ अस्पताल बीमारियों का इलाज करने के लिए बना है, वहीं दूसरी तरफ यहां की गंदगी खुद बीमारी का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन एवं अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि लैब टॉयलेट की तत्काल सफाई और मरम्मत कराने, महिलाओं के लिए अलग, साफ.सुथरी और सुरक्षित टॉयलेट की व्यवस्था करने, अस्पताल में सफाई कर्मियों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। रोगियों को अस्पताल प्रशासन से अपेक्षा है कि मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आमजन को इलाज के साथ-साथ सम्मानजनक और स्वच्छ सुविधाएं मिल सकें।