बांसवाड़ा

बांसवाड़ा : त्योहारी सीजन में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान, पहले दिन जांची दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, सैंपल लिए

Suddh Ke Liye Yudhh, War For Pure Campaign : सुबह से पुलिस सुरक्षा के साथ जुटी टीमें, तीन प्रतिष्ठानों की जांच में तीन सेंपल लिए
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Raids will not spoil the spirits of adulterers
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बांसवाड़ा. जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू कर जिला प्रशासन ने सोमवार को खाद्य पदार्थों गुणवत्ता, पैकेजिंग और तौल के अलावा रसद से जुड़ी कमोडिटी की पड़ताल करवाई। पहले दिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित दुकानों का निरीक्षण कर 3 दुकानों की जांच में 6 सेम्पल लिए गए। इससे पहले सुबह सीएमएचओ डॉ. वीके जैन और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता की टीम पीपलवा में गणेश दूध डेयरी पर पहुंची। एडीएम नरेश बुनकर के निर्देश पर इनके साथ ऐहतियात के तौर पर कोतवाली पुलिस की टीम भी साथ रही। टीम ने यहां डेयरी से क्रीम व दही के सेम्पल लिए। इसके बाद टीम बृजवासी दूध डेयरी नागरवाड़ा पहुंची और यहां जांच-पड़ताल पर दूध, पनीर और घी के सेम्पल उठाए। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में गणेश मिल्क डेयरी पर भी टीम ने पहुंचकर पनीर का नमूना लिया। इसी टीम ने एक अन्य केस पैकेजिंग कॉमोडिटी एक्ट के तहत बनाया। उधर, एक अन्य टीम ने दाहोद रोड से सटे पेट्रोल पंप का मुआयना किया। मौके पर उप मुख्य चिकत्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. दीपक निनामा, खाद्य निरीक्षक अशोक गुप्ता, एलएमओ अशोक मित्तल, रसद विभाग के लालशंकर, डेयरी विभाग के संजय दोसी उपस्थित थे।

जिला स्तर पर दो, खंड स्तर पर एक-एक टीम
इस बीच, चिकित्सा विभाग के नोडल प्रभारी डिप्टी सीएमएचओ डॉ. दीपक निनामा ने बताया कि अभियान 14 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच एवं कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर दो एवं प्रत्येक खंड स्तर पर एक-एक टीम का गठन किया गया है।

इंतजार में अटके रहे प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी
शहर में अभियान के लिए दो टीमें लगाई, लेकिन जांच कर नमूने लेने में सक्षम एकमात्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुप्ता ही होने से पहले दिन साथ डटे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी फंसे रहे। दरअसल, अमूमन खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में मौका मुआयने के साथ नमूने लेने, सील चीट करने और दस्तावेजी कार्रवाई में वक्त लगता है। प्रशासन के निर्देश पर सोमवार को टीमें तो दो बना दी गई, लेकिन एक जगह से काम निबटाने में अधिकारी को वक्त लगा, तो उनके इंतजार में दूसरी जगह टीमें इंतजार में बैठी रही। ऐसे में दुविधा के चलते कुछ अधिकारी-कर्मचारी परेशान भी हुए।

सूचना दो, जांच में पुष्टि पर 51 हजार का इनाम
अभियान के संदिग्ध खाद्य वस्तुओं के सेम्पल लिए जाएंगे एवं उनकी जांच जिला खाद्य टेस्टिंग लैब में होगी। नोडल प्रभारी डॉ. निनामा के अनुसार किसी बड़े प्रतिष्ठान में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने या भंडारण को लेकर कोई भी व्यक्ति सूचना देता है और उसकी जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो सूचनादाता को 51 हजार रुपए का नकद इनाम भी दिया जएगा। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके लिए 181 पर कॉल किया जा सकता है।

Published on:
27 Oct 2020 07:30 pm