
शहर के गायक कलाकारों ने गायक मोहम्मद रफी के गीतों से सजाई महफिल
डूंगरपुर
महान गायक मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर शनिवार को शहर में 'दिल की आवाज ग्रुप' के संयोजन में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय गायकों ने रफी के लोकप्रिय गीतों को अपनी सुरीली आवाज से सजाकर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में चिरन्दीप/संध्या कंसारा ने ये दिल तुम बिन..., भूपेंद्र श्रीमाल ने मेरी मोहब्बत सदा .., रूपेश शाह ने आज मौसम बड़ा बेईमान है..., मोहम्मद शाहिद ने रंग और नूर की बारात..., जयराज दोषी ने दिल ने फिर याद किया..., धर्मेश व्यास ने गुलाबी आंखें, जयना उपाध्याय /धर्मेश व्यास ने आशाओं के सावन में ..., प्रशान्त जोशी ने मेरे दोस्त क़िस्सा ये क्या हो गया..., ध्रुव उपाध्याय ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है ..., लोकेश चौहान ने तुझको पुकारे मेरा प्यार...,
जगदीश उपाध्याय ने तुमसे अच्छा कौन है ..., भूपेंद्र ने मुझे इश्क है तुम्हीं से ...,सुदेश ने याद ना जाए बीते दिनों की ...,
योगेश जोशी ने ये दुनिया ये महफिल ..., धरणीधर जोशी ने सुहानी रात ढल चुकी ...,बद्री भाई ने बड़ी दूर से आये हे प्यार का तोहफा लाए हैं ..., दक्ष शर्मा ने ओ मेरे शाए खुमा ए मेरी जाने जना..., कृष्णकांत पंड्या ने तुम जो मिल गए हो...,
गिरीश जोशी ने तुमसे दूर रहकर हमने जाना...,, नीता जोशी व गिरीश जोशी ने कोयल बोली..., ओ तुमसे दूर रहकर ..., जयेश पंड्या ने क्या हुआ तेरा वादा ..., प्रियंका पंड्या ने तुम ही मेरे मंदिर ..., रामेश्वर चौबीसा ने कौन है जो सपनों में आया ..., हितेश भंडारी चांद मेरा दिल , भारत भूषण व रोशनी पंड्या ने छुप गए सारे नजारे ..., तथा राजेश पंड्या ने एहसान तेरा होगा मुझपर ... गीत से देर रात तक महफिल सजाई। कार्यक्रम में बतौर अतिथि
राजू भाई पंचाल, हेमंत बी जैन, संजय जैन, पंकज जैन, दीपक जैन , लोकेंद्र सिंह चौहान, प्रवीण सेवक, देवीलाल हड़ात, ऋषि पंड्या, सफाखत हुसैन मौजूद रहे।