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बांसवाड़ा. शराब के अवैध ढाबा के संचालन और शराब बिक्री के मामले को लेकर शुक्रवार को एकबार फिर गांवों की महिलाओं ने कलक्टरी में पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़लिया, टिम्बा गामड़ी, टाटिया, नोका की करीब 500 से अधिक महिलाएं हाथों में लठ लिए ट्रैक्टर में भरकर कलक्टरी पहुंची और जमकर प्रदर्शन किया। बड़लिया सरपंच रेखा कटारा, अर्जुन कटारा, करेंग भाई कटारा, बबलू भोई, वालेंग, मोगी, सहित लोगों ने बताया कि इलाके में शराब के 25- 30 अवैध ढाबों का संचालन किया जा रहा है, जहां देसी एव हथकड़ के साथ कुछ जगह अंग्रेजी शराब भी परोसी जा रही है। इससे युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है। बाद में सरपंच की अगुवाई में ज्ञापन दिया गया ,जिसमें चेतावनी दी गई कि अब भी यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
पुलिस की लापरवाही की खुली पोल
धरना प्रदर्शन एवं भीड़ को रोकने के लिए कलक्ट्री में प्रवेश से रोकने मुख्यद्वार पर बनाई गई पुलिस चौकी कायम की हुई है एवं सूचनाओं के लिए जिला विशेष शाखा है, लेकिन इतनी बड़ी तादाद में महिलाओं के कलक्टरी पहुंचने की भनक तक नहीं लगी। सैकड़ों महिलाएं हाथों में लठ लेकर टै्रक्टर-ट्रॉली में सवार होकर कलक्टरी के भीतर पहुंच गई, जबकि पुलिस के एक-दो जवान मुख्यद्वार पर कुछ ग्रामीणों को रोककर खड़े रहे। जब उनको पता लगा कि ग्रामीण कलक्टरी के पीछे के रास्ते से टै्रक्टरों में भरकर पहुंच गए हैं तो उन्होंने और भी लापरवाही दिखाते हुए मुख्यद्वार खोल दिया और बाहर खड़ी भीड़ को भीतर घुसने दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही। मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नही था। कोतवाली के हैड कांस्टेबल, मुंशी, महिला कार्मिक एवं एसपी ऑफिस के कार्मिकों को खड़ा रहना पड़ा।