
बांसवाड़ा/कुशलगढ़. जिले के कुशलगढ़ इलाके में टिमेड़ा बड़ा पंचायत अंतर्गत सिंगाड़ों की गड़ली गांव में 11 केवी लाइन पर करंट से युवक की मौत के बाद दूसरे दिन रविवार को परिजनों को 2.50 लाख रुपए देने और पांच लाख रुपए जांच के बाद दिलाने के साथ मुख्यमंत्री कोष से वित्तीय मदद के आश्वासन पर परिजन पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हुए। इसके चलते शव ले जाकर बांसवाड़ा में शाम तक पोस्टमार्टम हो पाया और घटना के 36 घंटे बाद अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले प्रकरण को लेकर शनिवार रात 1 बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश की, लेकिन परिजन टस से मस नहीं हुए। फिर 2.5 लाख नकद, विद्युत निगम के जरिए 5 लाख रुपए बाद में दिलाने और उपखण्ड अधिकारी द्वारा सरकार से मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया। तब परिजन सुबह पोस्टमार्टम करवाने का कह कर चले गए। इसके बाद रविवार सुबह जुटे ग्रामीणों ने आश्वासन की बात लिखित में देने की मांग की। इससे अधिकारियों ने इनकार किया, तो परिजन अड़ गए।
दोपहर तक रस्साकशी चलने के बाद मृतक के परिजनों ने डिस्कॉम के सहायक अभियंता द्वारा 5 लाख रुपए की सहायता दिलवाने के बयान का वीडियो बनाया। उपखंड अधिकारी विजयेश पंड्या ने भी एक बार फिर आश्वस्त किया, तब मामला सुलझा। इसके बाद शव एमजी अस्पताल भेजते हुए कुशलगढ़ थाने से उपनिरीक्षक पुष्पेंद्रसिंह और उधर सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपतसिंह भी बांसवाड़ा पहुंचे। इस बीच, प्रशासनिक अधिकारियों में संवाद के बाद कलक्टर अंकितकुमारसिंह ने फोन पर पीएमओ डॉ. अनिल भाटी से बात की। इस पर पोस्टमार्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, तो शाम को पुलिस कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद शव सुपुर्द करने पर शाम छह बजे ले जाया गया। हालांकि इसके बाद भी अंत्येष्टि तक पुलिस टीम मृतक के गांव में डटी रही। इधर, प्रकरण में सहायक अभियंता कुशलगढ़ केसी जाजोरिया ने बताया कि प्रकरण की 15 दिन मामले की जांच करवाई जाएगी। जीएसएस ठेकेदार के कार्मिक की लापरवाही सामने आती है तो ठेका फर्म की सिक्योरिटी जमा राशि मे से 5 लाख रुपए की सहायता दिलवाने के प्रयास किया जाएगा।
यह था मामला
शनिवार सुबह कोटड़ा जीएसएस से करीब आधा किमी दूर 11 केवी लाइन पर सिंगाड़ों की गड़ली निवासी 26 वर्षीय महेश पुत्र वेलजी गणावा चढ़ा। परिजनों के अनुसार ठेकेदार के अधीन निजी स्तर पर कार्यरत महेश ने शटडाउन लिया, लेकिन पास-पास दो लाइनें होने से असमंजस के चलते दूसरी लाइन बंद कर दी गई और लाइव लाइन की जद में आने से वह चिपक गया। मामले में परिजनों ने महेश को ठेकेदार के अधीन लंबे समय से कार्यरत बताया और साथी कर्मचारियों को मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए रिपोर्ट दी। दूसरी ओर, निगम के अधिशासी अभियंता कुशलगढ़ कुलेश्वर वर्मा और सहायक अभियंता जाजोरिया ने मृतक ठेकाकर्मी होने से पूरी तरह इनकार किया। हालांकि हादसे से मौत से विवाद बढऩे पर सहानुभूतिपूर्वक वित्तीय मदद का आश्वासन दिया गया।