बाराबंकी जिलाधिकारी उदय भानु त्रिपाठी ने सीएम योगी द्वारा बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राहत सामग्री के खराब पाए जाने पर अपनी सफाई दी है...
बाराबंकी. बाराबंकी के जिलाधिकारी उदय भानु त्रिपाठी ने सीएम योगी द्वारा बाढ़ पीड़ितों को शुक्रवार को बांटी गई राहत सामग्री के खराब पाए जाने की शिकायतों पर अपनी सफाई दी है।
डीएम की सफाई
जिलाधिकारी उदय भानु त्रिपाठी का कहना है कि वेंडर द्वारा आलूओं को कोल्ट स्टोरेज से निकालकर ट्रकों में लादा गया और उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया। जो आलू ट्रक में नीचे की तरफ था वह सूख गया और दीवार से रगड़ खाकर छिल गया और दागी हो गया। संभवतः वही आलू कुछ लोगों के पास पहुंच गए। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि बांटे गए लाल आलू अच्छी क्वालिटी के थे। वही बाढ़ पीड़ितों को वितरित किया गया। इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों को बांटा गया बाकी सामान भी अच्छी क्वालिटी का था। इसको लेकर उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
लोगों ने उठाए थे सवाल
दरअसल, बाढ़ प्रभावित इलाके में दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बांटी गई राहत सामग्री की गुणवत्ता को लेकर वहां के बाढ़ पीड़ितों ने सवाल उठाए थे और कहा था कि राहत सामग्री की क्वालिटी ठीक नहीं है। कई ग्रामीण प्राप्त सामान से नाखुश थे और इस विषय को पत्रिका ने शुक्रवार को ही प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका के पास राहत पीड़ितों की शिकायत संबंधी वीडियो बाइट भी है। इसी को लेकर बाराबंकी जिलाधिकारी उदय भानु त्रिपाठी ने अब अपना पक्ष रखा है। जबकि इसके पहले जब जिलाधिकारी के बात करने की कोशिश की गई थी तब उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया था। अब ग्रामीणों की तरफ से एक बयान पत्र भी भेजा गया है जिसमें राहत सामग्री सही पाए जाने का जिक्र किया गया है।
क्या था मामला
दरअसल जिले के तराई इलाकों में घाघरा नदी की बाढ़ के चलते कोहराम मचा हुआ है। शुक्रवार को सीएम योगी इसी बाढ़ प्रभावित इलाके के दौरे पर आए थे और आलाअधिकारियों ने सीएम योगी के हाथ से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बंटवाई थी। जिसकी क्वालिटी को लेकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर संभव मदद के लिए सख्त निर्देश भी दिए थे।