Humsafar Express Train : रेलवे बोर्ड की ओर से बारां जिले के रेल यात्रियों को एक और सौगात दी गई है। अब कोटा-बीना सेक्शन से गुजरने वाली साप्ताहिक ट्रेन भगत की कोठी-तिरूचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस के ठहराव को भी मंज़ूरी दे दी गई है।
Humsafar Express Train : बारां। रेलवे बोर्ड की ओर से बारां जिले के रेल यात्रियों को एक और सौगात दी गई है। अब कोटा-बीना सेक्शन से गुजरने वाली साप्ताहिक ट्रेन भगत की कोठी-तिरूचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस के ठहराव को भी मंज़ूरी दे दी गई है। इससे जिले के रेल यात्रियों को जोधपुर (भगत की कोठी) और धार्मिक आस्था, शिक्षा और महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) तक की यात्रा के लिए एक और ट्रेन मिल गई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले क्षेत्रीय सांसद दुष्यंत सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर बारां में साप्ताहिक ट्रेन के ठहराव समेत अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद मंगलवार को हुई बोर्ड की बैठक में बारां में इस ट्रेन के ठहराव को मंजूरी दी गई। इस ट्रेन के ठहराव से बारां जिले के यात्रियों को जयपुर, जोधपुर, नागपुर, विजयवाड़ा, चेन्नई और तिरुचिरापल्ली तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य धीरज गुप्ता ने बताया कि कोटा-बीना रेल खंड से गुजरने वाली यह एक मात्र ट्रेन थी, जिसे बारां में ठहराव नहीं दिया गया था। वहीं, सोगरिया से गुना के बीच मात्र 182 किमी का सफर तय करने के लिए इस ट्रेन का 3.40 घंटे का समय निर्धारित किया हुआ है।
यह समय औसत से ज्यादा हैं। कई बार इस ट्रेन को अनावश्यक छोटे स्टेशनों पर खड़ा किया जाता है। पिछले सप्ताह सांसद दुष्यंत सिंह ने रेल मंत्री से मुलाकात की तो इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए इस ट्रेन के ठहराव पर जोर दिया था। तिरूचिरापल्ली के लिए बारां से यह ट्रेन गुरुवार को और भगत की कोठी के लिए रविवार को गुजरती है। रेलवे बोर्ड अलग से बारां में इसके ठहराव का समय घोषित करेगा।
सांसद दुष्यंत सिंह ने ट्रेन के ठहराव की घोषणा पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा-बारां और भवानीमंडी के यात्रियों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि अब जोधपुर–तिरुचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस का ठहराव बारां में तथा गांधीधाम-हावड़ा एक्सप्रेस का ठहराव भवानीमंडी में स्वीकृत किया गया है। इन महत्वपूर्ण ठहरावों से न केवल यात्रियों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी को नया बल मिलेगा। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त आधार प्राप्त होगा।