कस्बे में किसानों व ग्रामीणों ने लगातार हो रही चोरी की वारदातों की रोकथाम व तेजाजी डांडा क्षेत्र में बसी अवैध बस्तियों को हटाने की मांग को लेकर सडक़ जाम कर दी।
किसानों, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
किशनगंज. कस्बे में किसानों व ग्रामीणों ने लगातार हो रही चोरी की वारदातों की रोकथाम व तेजाजी डांडा क्षेत्र में बसी अवैध बस्तियों को हटाने की मांग को लेकर सडक़ जाम कर दी। इसके बाद तहसली कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान विरोध में कस्बे को बंद रखा गया। सोमवार को कस्बे के किसान सहित आसपास क्षेत्र से आए ग्रामीण सोमवार सुबह तहसील कार्यालय के बाहर सैकड़ो की संख्या में इक_े हुए। यहां डेढ़ घंटे तक जाम लगाया। पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम से वाहन चालक परेशान होते रहे। प्रदर्शनकारियों ने सडक़ पर टायर जलाकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था।
अवैध बस्ती के लोगों की जांच कराए पुलिस
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वन भूमि पर अवैध बस्तियां पनप रही हैं और कस्बे में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ज्ञापन देने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन, प्रशासन सुन नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बीते पिछले महीने की 28 अगस्त को उपखंड अधिकारी राकेश कुमार रावत को ज्ञापन में बताया था कि 3 सालों से किसानों के खेतों पर लगी ट््यूबवेल, केबलें व अन्य सामान लगातार चोरी जा रहे हैं। इसमें कई बार तेजाजी के डांडा किशनगंज के वन क्षेत्र में बसने वाले अनजान परिवारों का हाथ सामने आता रहा है। ऐसे में चोरी की वारदातों का खुलासा होने के साथ साथ चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। साथ ही कस्बे के तेजाजी के डांडा वन क्षेत्र में बसी हुई अवैध बस्ती में अवैध शराब भी बेची जा रही है। यहां बसने वाले कुछ विशेष परिवार चोर गिरोह के सदस्य हैं। इनकी कई बार चोरी की वारदातों में गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके बाद भी पुलिस इनके दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कर रही। ज्ञापन देकर अवगत करवाने के 5 दिवस की अवधि गुजर जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन हुआ तैयार
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी राकेश कुमार रावत, तहसीलदार हुकमचंद मीणा एवं थानाधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश करते हुए कहा कि एक माह के अंदर वन विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर वन भूमि का सीमाज्ञान करवाया जाएगा। तेजाजी डांडा क्षेत्र में बस रही अवैध बस्तियों के लोगों की जांच कर उनका सत्यापन करवाया जाएगा। तेजाजी डांडा पर अवैध रूप से अतिक्रमणकारियों द्वारा बसाई गई बस्तियों को हटवाया जाएगा। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किए जाने के बाद करीब 1 बजे धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। 2 बजे बाद कस्बे के बाजार खुल गए। प्रदर्शन में व्यापार महासंघ का भी सहयोग रहा।