
प्रतीकात्मक फोटो: पत्रिका
State Highway-1 Will Connnect With NH27: आने वाले दिनों में मांगरोल, बोहत और बारां शहर में बाइपास बनने जा रहे हैं। इन तीनों बाइपास का निर्माण मालबमोरी-मांगरोल-बारां स्टेट हाइवे-वन के कायाकल्प प्रोजेक्ट के तहत होगा। पिछली सरकार में भी यह प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था लेकिन काम ही शुरू नहीं हो सका था। सरकार बदलने के बाद मौजूद सरकार ने अपने पहले बजट में इस प्रोजेक्ट को पुन: मंजूर किया था। उसी के तहत अब काम चल रहा है और तीनों बाइपास भी बनेंगे।
बाइपास बनने से जहां दोनों कस्बों व बारां शहर में यातायात का दबाव कम होगा वहीं नेशनल हाइवे-27 से सीधी कनेक्टिविटी होगी। बाइपास में आने वाली जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही लगभग पूरी हो गई है। 15 जून 2025 में इसके टैंडर हुए उसके बाद नवम्बर 2025 में इसका काम शुरू होना था जो नहीं हो सका है। इसकी कार्यकारी एजेंसी राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण कोटा इसका निर्माण करवाएगी। वर्ल्ड बैंक से फंडिंग होने से यह सड़क पीपीपी मोड पर बनेगी।
इटावा रोड पर बोझाइडी के रास्ते से 200 मीटर पहले सीसवाली रोड स्थित केरोसीन डिपो किशनपुरा गैस गोदाम के पास से दायीं मुख्य नहर क्रॉस कर पुलिया के 200 मीटर बाद बारां रोड से मिलेगा। भटवाड़ा चौकी से बोहत के पहले निरोगघाम के आगे पूर्व दिशा में रोड़ को क्राॅस कर बोहत के आगे पेट्रोल पंप के पास इसे मिलाया जाएगा। भटवाड़ा चौकी पर रोड टी आकर में होगा। यहां एक टोल बनेगा। इसके अलावा समसपुर से पहले माथना तिराहे से पहले नियाणा गांव में होते हुए नियाणा तिराहे पर मिलकर यह नेशनल हाइवे 27 से कनेक्ट होगा। इसके लिए सरकार ने 370 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें बाइपास रोड़ के निर्माण पर 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शेष राशि अवाप्त भूमि के मुआवजे व अन्य कार्यों पर खर्च होगी। मांगरोल से पहले मालबमोरी से शुरू होकर बारां के निकट तक 41.20 किमी इसकी लंबाई होगी।
इसके निर्माण में आने वाली भूमि के अधिग्रहण की की कार्यवाही पूरी हो गई है। मांगरोल के बाइपास के निर्माण में मांगरोल के 71 खसरा की 8.72 हेक्टेयर, किशनपुरा के 22 खसरा की 3.30,बोहत के 74 खसरा की 11.49 हेक्टेयर, भटवाड़ा के 9 खसरा की 1.09, इंद्राहेडी के 14 खसरा की 3.52 हेक्टेयर भूमि सहित 28.14 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके अलावा बारां के पहले निकलने वाले बाइपास की जमीन भी अधिग्रहित कर ली गई है व अधिकांश किसानों को मुआवजा भी दे दिया गया है।
शहर व गांवों के बीच से निकल रहे वर्तमान में रोड़ से रोजाना मांगरोल में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। वहां नेशनल हाइवे 27 पर सीधा जाने वालों को बारां शहर से पहले जाने की सुविधा मिलेगी। इससे बारां के यातायात के दबाव में भी कमी आएगी। मथुरा से इटावा गैंता माखीदा की पुलिया पर होते हुए मांगरोल के बाहर से निकलकर बारां से पहले स्टेट हाइवे एनएच 27 के जरिए उज्जैन तक सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। वहां इस रास्ते पर वाहनों की रेलमपैल बढ़ेगी व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी।
मांगरोल, बोहत व बारां में बनने वाले बाइपास के टैंडर हो गए हैं। खेतों में खडी फसलों के कारण काम में देरी हो रही है। मार्च माह में इन बाइपास का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुकेश गोचर, परियोजना निदेशक
मांगरोल क्षेत्र के जिन किसानों की भूमि बाइपास के लिए अधिग्रहित की गई है। न्यायालय के विचाराधीन मामलों के अलावा सभी को मुआवजा दे दिया गया है।
सौरभ भांभु, उपखंड अधिकारी मांगरोल
Updated on:
28 Feb 2026 11:14 am
Published on:
28 Feb 2026 11:07 am
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