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Success Story: राजस्थान की बेटी आरवी ने महज 12 साल की उम्र में अमेरिका में फहराया परचम, गूगल भी हुआ प्रभावित

Success Story: आरवी ने एक ऐसा ‘प्राकृतिक आपदा रेस्क्यू असिस्टेंट’ विकसित किया है।, जो भूकंप, बाढ़, जंगल की आग और महामारी जैसी स्थितियों से लोगों को बचाने में मदद करता है।
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बारां

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Kamal Mishra

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Updated: 21 Feb 2026, 7:51 PM IST

Arvi Khandelwal

आरवी खंडेलवाल (फोटो-पत्रिका)

बारां। मूल रूप से अंता की रहने वाली महज 12 वर्षीय आरवी खंडेलवाल ने अमेरिका के शार्लोट शहर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आरवी ने न सिर्फ राजस्थान बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

अमेरिका में रह रहे अंता निवासी उमेश खंडेलवाल, जो वेल्स फ़ार्गो बैंक में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं, उनकी 12 वर्षीय प्रतिभाशाली बेटी आरवी पिछले तीन वर्षों से प्रतिष्ठित वैश्विक मंच Technovation से जुड़ी हुई हैं। इसी मंच के माध्यम से उन्होंने एक एआई आधारित ‘प्राकृतिक आपदा रेस्क्यू असिस्टेंट’ विकसित किया है।

जीवन रक्षक है इनोवेशन

यह असिस्टेंट भूकंप, बाढ़, जंगल की आग और महामारी जैसी आपात स्थितियों में लोगों को सुरक्षित निकलने के लिए व्यक्तिगत आपातकालीन योजना प्रदान करता है। इस प्रोजेक्ट को उत्तरी अमेरिका में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है।

गूगल की टीम पहुंची आरवी के घर

आरवी की टेक्नोवेशन यात्रा को Google द्वारा फीचर किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर गूगल की टीम अमेरिका के शार्लोट स्थित उनके घर पहुंची और उनकी प्रेरणादायक कहानी को रिकॉर्ड किया। यह क्षण पूरे परिवार और समाज के लिए गर्व का विषय बन गया।

अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट में भी मिली पहचान

आरवी को हाल ही में 'कोडिंग द फ्यूचर' एपिसोड में शामिल किया गया, जो प्रसिद्ध पॉडकास्ट 'Where the Internet Lives' का हिस्सा है। इसमें उन्होंने अपनी कोडिंग यात्रा और टेक्नोवेशन व एआई के माध्यम से विकसित किए गए ऐप्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह एपिसोड Spotify और Apple Podcasts पर उपलब्ध है।

परिवार में खुशी की लहर

आरवी के माता-पिता ने कहा, 'हमें अपनी बेटी पर बेहद गर्व है। उसने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी बच्चा वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकता है।' आरवी की यह सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। भविष्य में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।